विल्स लाइफस्टाइल इंडिया फैशनवीक के चौथे दिन अपने कलेक्शन को पेश करने वाले डिजाइनर रितेश कुमार उन चुनिंदा उभरते डिजाइनरों में से एक हैं जिन्होंने कम समय में अपनी आउट ऑफ बॉक्स सोच के चलते फैशन जगत में अपनी खास जगह बनाई है। शायद यही वजह है कि उनके टैलेंट को न सिर्फ हमारे देश के बड़े फैशनवीक्स में बेहतरीन प्लैटफॉर्म मिला बल्कि हालिया हुए मिलान फैशन वीक में भी उन्हें अपनी रचनात्मकता पेश करने का मौका मिला।
रितेश अपनी क्रिएटिविटी का आधार मानते हैं उनकी 'आउट ऑफ बॉक्स' सोचने की क्षमता और हमेशा कुछ नया करने की चाह। पेश है इस युवा डिजाइनर से हमारी बातचीत के कुछ खास अंश-
इस फैशनवीक में क्या नया कर रहे हैं आप?
इस बार में अपने कलेक्शन में काफी अलग करने की कोशिश में हूं। मेरे कलेक्शन का आकर्षण है 3D टेक्सचर की पोशाकें और सिलहूट्स पर पर्ल का काम। इसके अलावा कलर ब्लॉक्स को लेकर भी मेरे कुछ प्रयोग नजर आएंगे।
आपकी प्रेरणा का क्या स्रोत है और बतौर फैशन डिजाइनर आपकी सबसे बड़ी खुशी क्या है?
बचपन में मैं जब अपनी मां को तरह-तरह की साड़ियां खरीदते हुए देखता था तो मुझे यह बहुत आकर्षित करता था। यहीं से फैशन डिजाइनिंग के प्रति मेरा रुझान बढ़ा। बतौर फैशन डिजाइनर सबसे ज्यादा मुझे खुशी तब होती है कि जब अनुपयोगी चीजों से भी हम ऐसी चीजें बनाते हैं जिसो लोग खुशी से पहनते हैं।
फैशन का कौन सा दौर आपको सबसे अधिक प्रभावित करता है?
मेरे ख्याल से साठ के दशक का फैशन मुझे सबसे अधिक प्रभावित करता है।
बॉलीवुड में किसे आप स्टाइल आइकन कहेंगे?
सोनम कपूर। आज के दौर में सोनम कपूर हर युवा के लिए स्टाइल आइकन हैं, वह जिस तरह खुद को कैरी करती हैं, काबिले-तारीफ है।
त्योहारों का सीजन आ रहा है, इस बार क्या चलन में है?
इस त्योहारों के सीजन में फ्यूशिया पिंक, एमराल्ड और ऐम्बर जैसे कलर्स कफी चलन में हैं जो पारंपरिक से अलग भी दिखते हैं और रॉयल भी।
आपके हिसाब से फैशन जगत के बारे में सबसे बड़ी गलतफहमी क्या है?
मुझे लगता है लोग फैशन की दुनिया को लेकर ऐसा सोचते हैं कि यहां सिर्फ सेक्स, ड्रग्स और रॉक एंड रोल ही है जबकि असलियत में यहां कड़ी मेहनत और रचनात्मकता से खुद को साबित करना एक बड़ी चुनौती है।
आपका स्टाइल मंत्र क्या है?
कॉन्फिडेंस।