रेणु फ्रांसिस
पिगमेंटेशन से छुटकारा
यदि आप पिगमेंटेशन से परेशान हैं तो इससे छुटकारा दिलाने में भी ये मददगार साबित होंगे। समुद्री शैवाल में मौजूद प्राकृतिक ह्यूमेक्टेंट्स पर्यावरण से नमी को खींचते हैं और उसे त्वचा में बंद कर देते हैं, जिससे त्वचा में नमी बनी रहती है। यह हाइड्रेशन बूस्ट त्वचा को कोमल बनाने और बारीक लकीरों एवं झुर्रियों को कम करता है, जिससे त्वचा स्वस्थ और चमकदार बनती है।
मुंहासे के लिए खास
समुद्री शैवाल में विटामिन ए और नियासिनमाइड सहित कई आवश्यक विटामिन होते हैं, जो सीबम उत्पादन को विनियमित करने में मदद करते हैं। मुंहासे वाली त्वचा के लिए समुद्री शैवाल प्राकृतिक एंजाइम प्रदान करके सौम्य एक्सफोलिएशन विधि प्रदान करते हैं, जो मृत त्वचा कोशिकाओं को हटाती है और बंद छिद्रों को खोलती है। यह प्रक्रिया मुंहासों को रोकने में मदद करती है और चमकदार त्वचा को जन्म देती है।
डॉ. अमित कुमार मीणा, सीनियर रेजिडेंट, त्वचा विज्ञान विभाग, लेडी हार्डिंग मेडिकल कॉलेज, दिल्ली का कहना है कि, समुद्री शैवाल एटोपिक डरमैटिटिस जैसे एलर्जिक बीमारियों के लिए निवारण और चिकित्सकीय एजेंटों के विकास में योगदान करते हैं। भूरे शैवाल के अर्क वाले सौंदर्य उत्पादों में गहरी नमी बनाए रखने की क्षमता होती है, जो त्वचा को मॉइश्चराइज रखने में मदद करती है। एलेज से प्राप्त कुछ पदार्थ यूवीए/यूवीबी प्रेरित त्वचा क्षति को कम करते हैं।
एंटी-मेलानोजेनिक प्रक्रिया त्वचा को चमकदार बनाने में मदद करती है। एंटीऑक्सिडेंट एलेज नवीन एंटीऑक्सिडेंट होती है, जो प्रतिक्रियाशील प्रजातियों के कारण होने वाली कोशिका क्षति से रक्षा कर सकती है। हालांकि अभी तक पूरी तरह से इसके प्रभाव को समझा नहीं गया है। इसके सही प्रभाव को जानने के लिए अच्छे शोध और अध्ययन की जरूरत है, ताकि इसके उपयोग को सही से समझा जा सके।
डिसक्लेमर : इस लेख में दी गई सूचनाएं सामान्य जानकारियों पर आधारित हैं। संबंधित लेख पाठक की जानकारी व जागरूकता बढ़ाने के लिए तैयार किया गया है। अमर उजाला इस लेख में दी गई जानकारी को लेकर किसी तरह का दावा नहीं करता है और न ही जिम्मेदारी लेता है। त्वचा संबंधी किसी भी तरह की अधिक जानकारी के लिए हमेशा किसी विशेषज्ञ या अपने चिकित्सक से परामर्श करें।