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खिलती हुई त्वचा चाहते हैं तो आज से ही इस्तेमाल करें ये आयुर्वेदिक नुस्खे 

Sat, 20 Apr 2019 09:33 AM IST
पंखुड़ी सिंह लाइफस्टाइल डेस्क, अमर उजाला
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शारीरिक, मानसिक स्वास्थ्य, तनाव, उम्र और हमारा वातावरण त्वचा के स्वास्थ्य में बहुत बड़ी भूमिका निभाते हैं। हालांकि, इसके बावजूद हम अपनी त्वचा और इस पर उम्र के असर को सकारात्मक तरीके से बेअसर कर सकते हैं। त्वचा का ख्याल ऊपरी और अंदरूनी दोनों तरीकों से रखना जरुरी है। आगे की स्लाइड्स में जाने कैसे आयुर्वेदिक तरीके से त्वचा को खिलता हुआ और स्वस्थ बना सकते हैं। 

 
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- फोटो : file photo
मौसमी फल, हरी और दूसरी सब्जियां और हल्की पकी हुई दाल को फायदेमंद माना जाता है। आयुर्वेदिक खाना पकाने में धनिया, पुदीना और करी पत्ते जैसी जड़ी-बूटियों का भरपूर मात्रा में इस्तेमाल माइक्रोन्यूट्रीएंट्स प्रदान करता है। ये खिलती हुई त्वचा का परफेक्ट तरीका है। 


 
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आयुर्वेद के अनुसार सबसे बेहतरीन सौंदर्य प्रसाधन 'गहरी सांस' है। धीमी गहरी सांस लेने के साथ लंबी सांसें छोड़ना फेफड़ों की कार्बन डाइऑक्साइड को साफ करता है जिससे ज्यादा ऑक्सीजन लेने का मौका मिलता है। यह बढ़ी हुई ऑक्सीजन त्वचा में दमक पैदा करती है। 

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हल्दी, दूध, शहद, दही, नींबू का रस, पका केला और बहुत सी चीजों का इस्तेमाल त्वचा के अनुसार किया जा सकता है।  खासतौर से गुलाब जल त्वचा को अच्छा और मुलायम बनाने के गुणों के लिए काफी फायदेमंद है। 
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- फोटो : file photo
नियमित योग से त्वचा में रक्त संचार बढ़ता है और रंगत में निखार आता है। यह लिम्फैटिक (लसीका) सिस्टम की सक्रियता बढ़ा कर लिम्फैटिक के बहाव को बढ़ाता है और विषाक्त पदार्थों को बाहर निकालने में मदद करता है।
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beauty tips
आयुर्वेद स्वास्थ्य के लिए आरामदायक नींद पर जोर देता है। डीटॉक्सिफिकेशन प्रक्रिया नींद के दौरान संपन्न होती है। नियमित पूरी नींद लेने से शारीरिक और मनोवैज्ञानिक गतिविधियों को बढ़ावा मिलता है। 
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