इंसान के बाल केराटिन नामक एक प्रोटीन से बने होते हैं। आजकल बालों को सीधा करने के लिए भी इस प्रोटीन का इस्तेमाल किया जा रहा है। ध्यान देने वाली बात यह है कि यह प्रोटीन सिर्फ बालों को सीधा करने में ही नहीं उन्हें मजबूत बनाने में भी अहम भूमिका निभाता है।
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हेयर स्पेशलिस्ट रॉड एंकर कहती हैं, ‘केराटिन बालों को सीधा नहीं बनाता, हालांकि इसके इस्तेमाल से बाल कुछ समय के लिए सीधे जरूर लगते है, लेकिन इसका असल उद्देश्य बालों से घुंघरालापन कम करना और उन्हें ज्यादा व्यवस्थित बनाना होता है।’
एंकर के मुताबिक यह इस्तेमाल के कुछ समय बाद धुल जाता है। इसकी अधिकतम समय सीमा 3 से 5 महीने तक हो सकती है।
ट्रीटमेंट के दौरान बालों को शैंपू करके सुखाया जाता है, जिसके बाद एक ब्रश की मदद से सॉल्यूशन को बालों पर लगाया जाता है और बालों को कंघी की जाती है। इसके बाद 20 मिनट के लिए छोड़ दिया जाता है ताकि बाल इस सॉल्यूशन को सोख सकें।
इसके बाद बालों को फिर से ड्रायर की मदद से सुखाकर फ्लैट आयरन किया जाता है। कुछ घंटों में ट्रीटमेंट का सॉल्यूशन बालों पर सेट हो जाता है। जानकारों की सलाह मानें तो इस ट्रीटमेंट के बाद 72 घंटे तक किसी भी तरह की एसेसरीज का इस्तेमाल बालों पर नहीं करना चाहिए।