हाल में हुई बहराइच हिंसा के बाद एक्स पर एक वीडियो वायरल हो रहा है। इसमें दिख रहा है कि गाने बज रहे है और लोग नाच रहे है। साथ ही में ये लोग भगवा झंडा भी लहरा रहे हैं। इसके बाद कुछ लोग आते हैं और भगवा झंडे को छीन कर फेंक देते है।
क्या है दावा
इस वीडियो को शेयर करके दावा किया जा रहा है कि ये वीडियो बहराइच का है, जहां दुर्गा विसर्जन के दौरान दो समुदायों में विवाद के बाद हिंसा हो गई थी। वीडियो को शेयर करके कहा जा रहा है पहले भगवा झंडे को फाड़ा गया और शोभायात्रा पर पत्थर फेंके गए जिसके बाद हिंसा शुरू हुई।
बाराबंकी जिला (@districtbbk) नाम के एक एक्स अकाउंट से लिखा गया “बहराइच के इस सच को वायरल करो..गौर से देखो पहले जिहादियों ने भगवा ध्वज छीनकर फाड़ फेंका, पीछे से दुर्गा शोभायात्रा पर पथराव किया इसके बाद बहराइच में माहौल खराब हुआ।। दिखाओ दुनिया को असली दंगाई कौन है ??”
विष्णु तिवारी (@VishnuMTivari1) नाम के एक्स यूजर ने लिखा “बहराइच के इस सच को वायरल करो हिंदुओं.. गौर से देखो पहले जिह!दियों ने पहले भगवा ध्वज छीनकर फाड़ फेंका, पीछे से दुर्गा शोभायात्रा पर पत्थर फेंका। इसी के बाद बहराइच में माहौल खराब हुआ..!! दिखाओ दुनिया को असली दंगाई कौन है..??
पड़ताल
वीडियो की पड़ताल करने के दौरान हमें एक दिखा कि कई यूजर इसे महराजगंज का बता रहे थे। सच्चाई जानने के लिए हमने
अमर उजाला के न्यूज डेस्क से संपर्क किया। यहां हमें इस वीडियो के बारे में जानकारी मिली। यहां से हमें पता चला कि वीडियो महाराजगंज का है।
खबर के अनुसार निचलौल क्षेत्र के मिश्रौलिया में शुक्रवार रात दुर्गा पूजा विसर्जन जुलूस में लहरा रहे झंडे को लेकर एक समुदाय के युवकों ने हंगामा किया। पुलिस ने मौलाना समेत 12 नामजद सहित 17 लोगों पर संबंधित धाराओं में केस दर्ज कर लिया। जुलूस शिव मंदिर से निकल एक समुदाय के मोहल्ले को पार कर नूरी जामा मस्जिद के पास पहुंचा था। इस बीच जुलूस में लहरा रहे धार्मिक झंडे को कुछ असामाजिक तत्व के लोगों ने पकड़ लिया और हंगामा शुरू कर दिया।
पड़ताल का नतीजा
हमारी पड़ताल में ये साफ है कि वीडियो बहराइच का नहीं है।