सार
Fact Check: सोशल मीडिया पर एक वीडियो शेयर कर दावा किया जा रहा है कि जम्मू और कश्मीर क्षेत्र का हवाई क्षेत्र बंद कर दिया गया है, भारतीय और पाकिस्तानी जेट वहां गश्त कर रहे हैं। हमारी पड़ताल में यह दावा गलत निकला है।
सोशल मीडिया पर दो अलग-अलग एंगल से फाइटर जेट की तस्वीरें शेयर की जा रही हैं। इन तस्वीरों को शेयर करके दावा किया जा रहा है कि जम्मू और कश्मीर का हवाई क्षेत्र बंद कर दिया गया है, भारतीय और पाकिस्तानी जेट गश्त पर निकल चुके हैं।
अमर उजाला ने अपनी पड़ताल में इस दावे को गलत पाया है। हमारी पड़ताल में यह सामने आया कि दोनों तस्वीरें ग्लोबल टाइम्स में 8 दिसंबर 2024 को प्रकाशित की गई थी। इन तस्वीरों के प्रकाशित करके एक लेख लिखा गया था, जिसमें बताया गया था पायलट टेकऑफ से पहले एग्जॉस्ट नोजल की जांच करता है।
क्या है दावा
इन तस्वीरों को शेयर करके दावा किया जा रहा है कि जम्मू और कश्मीर का हवाई क्षेत्र बंद कर दिया गया है, भारतीय और पाकिस्तानी जेट गश्त पर निकल चुके हैं।
CipherWave (@Ciphercoop1) नाम के एक एक्स यूजर ने वीडियो को शेयर करके लिखा "#ब्रेकिंग: अभी-अभी, जम्मू और कश्मीर क्षेत्र के ऊपर हवाई क्षेत्र बंद कर दिया गया है, भारतीय और पाकिस्तानी विमानों ने गश्त शुरू कर दी है।” पोस्ट का लिंक और आर्काइव लिंक आप यहां और यहां देख सकते हैं।
इस तरह के कई और दावों के लिंक आप
यहां और
यहां देख सकते हैं। इसके आर्काइव लिंक आप
यहां और
यहां देख सकते हैं।
पड़ताल
दावे की पड़ताल करने के लिए हमने सबसे पहले तस्वीर को गूगल रिवर्स इमेज पर सर्च किया। यहां हमें ग्लोबल टाइम्स की एक रिपोर्ट मिली। ग्लोबल टाइम्स चीन में प्रकाशित होने वाला एक अखबार है। इस रिपोर्ट में वायरल हो रही तस्वीर मौजूद थी। इस रिपोर्ट को 8 दिसंबर 2024 को प्रकाशित किया गया था। रिपोर्ट का शीर्षक था कि “उड़ान भरने से पहले पायलट एग्जॉस्ट नोजल का निरीक्षण करता है।”
साथ ही इन तस्वीरों पर चाइना मिलिट्री भी लिखा हुआ था। एक तस्वीर के साथ कैप्शन में लिखा गया था “चीनी पीएलए दक्षिणी थिएटर कमान के अंतर्गत वायु सेना की विमानन ब्रिगेड से जुड़ा जे-10 लड़ाकू विमान रात्रिकालीन उड़ान प्रशिक्षण अभ्यास के लिए उड़ान भरता हुआ। यह अभ्यास आधी रात को शुरू हुआ और सुबह तक चला। (फोटो: वांग गुओयुन)"
हमने वायरल दावे को इंटरनेट पर भी खोजा, लेकिन ऐसी कोई भी जानकारी नहीं मिली। किसी भी प्रतिष्ठित मीडिया संस्थान ने इस बारे में कोई रिपोर्ट नहीं दी है। साथ ही, दोनों देशों की सेनाओं के आधिकारिक सोशल मीडिया अकाउंट्स पर भी ऐसी कोई जानकारी पोस्ट नहीं की गई है।
पड़ताल का नतीजा
हमारी पड़ताल में यह साफ है कि वायरल तस्वीरें भ्रामक हैं। जिन तस्वीरों को भारत और पाकिस्तान की एयरफोर्स का बताकर शेयर किया जा रहा है वह असल में चीनी वायुसेना की हैं।