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Fact Check: गोंडा में चलती एंबुलेंस से शव को फेंके जाने का दावा भ्रामक, पड़ताल में पढ़ें दावे का सच

Wed, 06 Aug 2025 06:25 PM IST
संध्या फैक्ट चेक डेस्क, अमर उजाला

सार

Fact Check: सोशल मीडिया पर एक वीडियो शेयर किया जा रहा है। इस वीडियो में देखा जा सकता है कि एक एंबुलेंस से शव को बाहर फेंका जा रहा है। दावा किया जा रहा है कि गोंडा में एक हिंदू युवक के शव को एंबुलेंस चालक ने सड़क पर फेंक दिया है। हमारी पड़ताल में यह दावा गलत निकला है।  

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फैक्ट चेक - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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सोशल मीडिया पर एक वीडियो शेयर किया जा रहा है। इस वीडियो में देखा जा सकता है कि एक चलती एंबुलेंस के अंदर से एक शव को सड़क पर फेंका जा रहा है। यह देखते ही आसपास मौजूद पुलिस शव के तरफ दौड़ती है। लेकिन वहां मौजूद कुछ लोग पुलिस को शव के पास नहीं आने देते हैं। वीडियो को शेयर करके दावा किया जा रहा है कि गोंडा में योगी सरकार के राज में एंबुलेंस चालक एक शव को लावारिस की तरह सड़क पर फेंक पर फरार हो गया। 

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अमर उजाला ने अपनी पड़ताल में इस दावे को गलत पाया है। हमारी पड़ताल में यह सामने आया कि गोंडा में एंबुलेंस चालक ने शव को सड़क पर नहीं फेका था। शव को मृतक के परिजनों ने सड़क बाधित करके प्रदर्शन करने की मंशा से चलती एंबुलेंस से गिराया था। पड़ताल से हमें पता चला कि गोंडा में 4 अगस्त को बालपुर बाजार में घरवालों ने हृदयलाल का शव चलती एंबुलेंस से नीचे गिराकर सड़क मार्ग को बाधित कर दिया और सड़क पर प्रदर्शन किया। 

क्या है दावा  

वीडियो को शेयर करके सरकार को निशाना बनाया जा रहा है। साथ ही दावा किया जा रहा है कि एंबुलेंस चालक ने एक हिंदू की लाश को चलती गाड़ी से नीचे फेंक दी।  

मनोज यादव (@Manoj_Yadav_) नाम के एक एक्स यूजर ने वीडियो को शेयर करके लिखा “योगी जी के राज में एक हिंदू की लाश को किस तरीके से सड़क पर लावारिसों की तरह फेंका गया। गोंडा : एंबुलेंस चालक की संवेदनहीनता आई सामने मृतक हृदय लाल का शव छोड़कर एंबुलेंस चालक फरार)... पोस्टमार्टम के बाद एंबुलेंस चालक सड़क पर शव फेंका। स्ट्रेचर पर रखा शव को घसीट करके ले जा रहा है। गोंडा लखनऊ हाईवे पर शव छोड़कर हुआ था।" (पोस्ट को ज्यों का त्यों लिखा गया है।) पोस्ट का लिंक और आर्काइव लिंक आप यहां और यहां देख सकते हैं।  

  इस तरह के कई और दावों के लिंक आप यहां और यहां देख सकते हैं। इसके आर्काइव लिंक आप यहां और यहां देख सकते हैं।  

पड़ताल  

इस दावे की पड़ताल करने के लिए हमने सबसे पहले अमर उजाला के न्यूज डेस्क से संपर्क किया। यहां से हमें पता चला कि मामला 4 अगस्त 2025 का है। पता चला कि देहात कोतवाली क्षेत्र के लक्ष्मणपुर जाट के गड़रियन पुरवा निवासी हृदयलाल (22) को महज 200 रुपये के लिए शुक्रवार को पट्टीदारों ने पीटकर मरने जैसी हालत कर दी। लखनऊ में इलाज के दौरान सोमवार को हृदयलाल की मौत हो गई। गड़रियन पुरवा निवासी बबलू ने बताया कि छोटे भाई हृदयलाल राजगीर थे। उन्होंने पट्टीदार गांव के ही राम अनुज को 700 रुपये उधार दिए थे।
हृदयलाल बीते एक अगस्त को अपना पैसा मांगने के लिए राम अनुज के घर गए थे। हृदयलाल ने कहा कि उनकी रकम से दो सौ रुपये तुरंत दे दें। रुपये लिए बिना वापस नहीं जाएंगे। इसको लेकर कहासुनी व गाली गलौज शुरू हो गई। मारपीट की नौबत आ गई। तभी राम अनुज के भाई राम किशोर, उनके पुत्र जगदीश व भतीजे पंकज और चंदन हमलावर हो गए। चारपाई की पाटी से हृदयलाल के सिर पर हमला कर दिया। फिर लाठी-डंडे व लात-घूसों से पीटकर हृदयलाल को मरणासन्न कर दिया। परिजनों ने हृदयलाल को लखनऊ के एक अस्पताल में भर्ती कराया। जहां उपचार के दौरान उनकी मौत हो गई।

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हृदयलाल का शव सोमवार को जब लखनऊ से लाया जा रहा था तो हंगामे की आशंका के चलते पुलिस मुस्तैद हो गई। ऐसे में परिजनों ने गोंडा-लखनऊ हाईवे पर चलती एंबुलेंस से शव को स्ट्रेचर समेत गिरा दिया। एंबुलेंस रुकी तो वहीं पर शव के साथ परिजन प्रदर्शन करने लगे। पुलिस के खिलाफ नारेबाजी भी की गई। करीब 10 मिनट बाद पुलिस ने हल्का बल प्रयोग कर लोगों को हाईवे से हटाया। इसके बाद शव को अंतिम संस्कार के लिए घर पहुंचाया।  

आगे इस मामले पर हमें गोंडा पुलिस का बयान देखने को मिला। पुलिस ने अपने बयान में कहा “दिनांक 01.08.2025 को समय करीब 18.30 बजे थाना को देहात क्षेत्र के ग्राम लक्ष्मणपुर जाट निवासी हृदयलाल को उनके विपक्षी पटीदारों द्वारा शराब के नशे में हुए झगड़े में मारपीट कर दी गई थी। जिसके संबंध में हृदयलाल के परिजनों द्वारा दी गई तहरीर के आधार पर थाना स्थानीय पर मु0अ0सं0 366/2025 धारा 115(2),352, 351(3), 125 बीएनएस पंजीकृत कर घायल हृदयलाल को इलाज हेतु अस्पताल भेजा गया, जहां से बेहतर इलाज हेतु उन्हें लखनऊ रेफर कर दिया गया जहां आज सुबह इलाज के दौरान उनकी मृत्यु हो गई। पंचायतनामा एवं पोस्टमार्टम के पश्चात उनके शव को लक्ष्मणपुर जाट लाया जा रहा था, जहां कुछ लोगों के बहकावे में आकर एम्बुलेंस में उपस्थित उनके परिजनों द्वारा सड़क को बाधित करने की मंशा से चलती एम्बुलेंस से उनके शव को उतारा जाने लगा जिसका वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल है। उक्त प्रकरण में उपस्थित पुलिस बल द्वारा त्वरित कार्रवाई करते हुए मृतक के शव को ससम्मान वापस गाड़ी में रखकर उनके आवास पर लाया गया, जहां परिजनों द्वारा उनका अंतिम संस्कार किया गया। दिनांक 01.8.25 को हुई मारपीट के प्रकरण में दर्ज मुकदमे में थाना को० देहात पुलिस द्वारा अभियोग में नामजद चारों अभियुक्तों को हिरासत में ले लिया गया है। मौके पर शांति व्यवस्था कायम है प्रकरण में जांच कर अग्रिम विधिक कार्यवाही चल रही है।”

 

 

  पड़ताल का नतीजा

हमारी पड़ताल में यह साफ है कि वीडियो को भ्रामक दावे के साथ शेयर किया जा रहा है। शव को गाड़ी से उसके परिजनों ने ही गिराया था।  





 
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