सोशल मीडिया पर एक वीडियो शेयर किया जा रहा है, वीडियो में दिख रहा है कि एक तेल की फैक्ट्री में आग लग रही है। वीडियो को शेयर करके दावा किया जा रहा है कि इस्राइल के पावर प्लांट पर हमला हुआ है, जिसमें यह प्लांट पूरी तरह से तबाह हो गया है। कहा जा रहा है कि यह हमला ईरान के द्वारा किया गया है। ईरान ने इस्राइल के पावर प्लांट को तबाह कर दिया है।
अमर उजाला ने अपनी पड़ताल में इस दावे को गलत पाया है। जांच के दौरान हमने पाया है कि यह वीडियो हाल ही में हुए ईरान और इस्राइल हमलों का नहीं है। यह वीडियो इस हमले से पहले इंटरनेट पर मौजूद था। पड़ताल करने पर हमें पता चला कि यह हमला इस्राइली सेना के द्वारा हूती विद्रोहियों पर किया गया था।
आपको बता दें कि 13 जून को ईरान पर इस्राइल ने एयर स्ट्राइक की। इस एयर स्ट्राइक में ईरान के 20 टॉप कमांडर मारे गए। इनमें आर्मी और एयरफोर्स चीफ भी शामिल हैं। इस्राइल ने शुक्रवार सुबह 200 फाइटर जेट्स से 6 ठिकानों पर हमला किया। इन हमलों में ईरान के परमाणु और सैन्य ठिकानों को निशाना बनाया गया। इसके जवाब में ईरान ने शुक्रवार दोपहर में इस्राइल पर जवाबी हमले किए। ईरान ने 100 से ज्यादा ड्रोन दागे। तब से दोनों पक्षों में तनाव जारी है। अब हालात काफी तनावपूर्ण होते जा रहे हैं। इसी बीच यह वीडियो सामने आया है।
क्या है दावा
इस वीडियो को शेयर करके दावा किया जा रहा है कि ईरान ने इस्राइल के पावर प्लांट पर हमला किया है। हमले के कारण यह प्लांट पूरी तरह से तबाह हो गया है।
टाइमलाइन डेली नाम के एक न्यूज पोर्टल ने इस फोटो को शेयर करके गलत रिपोर्ट शेयर करके बताया “इजराइल-ईरान संघर्ष, जो 18 जून 2025 तक अपने पांचवें दिन में है, नाटकीय रूप से बढ़ गया है, दोनों राष्ट्रों द्वारा विनाशकारी मिसाइल हमले किए जा रहे हैं। इससे पश्चिम एशिया में व्यापक युद्ध की आशंका बढ़ गई है।” पोस्ट का लिंक और आर्काइव लिंक आप यहां और यहां देख सकते हैं।
इस तरह के कई और दावों का लिंक आप
यहां और
यहां देख सकते हैं। इसके आर्काइव लिंक आप
यहां और
यहां देख सकते हैं।
पड़ताल
इस दावे की पड़ताल करने के लिए हमने वीडियो के कीफ्रेम्स को गूगल रिवर्स इमेज पर सर्च किया। यहां हमें यह वीडियो कई इंस्टाग्राम पर देखने को मिला। यहां इस वीडियो को 8 मई 2025 को शेयर किया गया था। वीडियो के लिंक आप
यहां और
यहां देख सकते हैं। यहां हमें एक वीडियो में अरेबिक भाषा में कैप्शन मिला। इस कैप्शन में लिखा गया था “पावर स्टेशन / सना”। हमें पता चला कि वीडियो इंटरनेट पर ईरान और इस्राइल के बीच हालिया संघर्ष के दौरान का नहीं है। क्योंकि ईरान-इस्राइल संघर्ष की शुरुआत 13 जून से हुई थी।
आगे हमने इस वीडियो को कीवर्ड के माध्यम से सर्च करने की कोशिश की। यहां हमें
इज़राइल रक्षा बल (@IDF) का एक एक्स पोस्ट 6 मई 2025 को देखने को मिला। इसमें आईडीएफ की तरफ से बताया गया था कि “IDF लड़ाकू विमानों ने सना के मुख्य हवाई अड्डे पर हूती विद्रोहियों के ढांचे पर हमला किया और उसे नष्ट कर दिया। यह हमला हूती विद्रोहियों द्वारा बेन गुरियन हवाई अड्डे पर किए गए हमले के जवाब में किया गया था। हवाई अड्डा हूती विद्रोहियों के लिए हथियारों और गुर्गों को स्थानांतरित करने के लिए एक केंद्रीय केंद्र के रूप में कार्य करता था, जो स्पष्ट रूप से हूती विद्रोहियों द्वारा नागरिक बुनियादी ढांचे के क्रूर शोषण को रेखांकित करता है। इसके अलावा, सना क्षेत्र में और उसके आसपास कई केंद्रीय बिजली संयंत्रों पर हमला किया गया। इन संयंत्रों का उपयोग हूतियों द्वारा ऊर्जा बुनियादी ढांचे और भूमिगत सुरंगों के निर्माण के लिए किया गया था। ”
रॉयटर्स की रिपोर्ट से पता चला कि इजरायली सेना ने 6 मई को यमन के सना स्थित मुख्य हवाई अड्डे पर हवाई हमला किया, यह ईरान समर्थित हूती विद्रोहियों पर दो दिनों में दूसरा हमला था, इससे पहले समूह ने इजरायल के बेन गुरियन हवाई अड्डे के निकट मिसाइल हमला किया था।”
पड़ताल का नतीजा
हमारी पड़ताल में यह साफ है कि वीडियो 6 मई को आईडीएफ के लड़ाकू विमानों के द्वारा सना के मुख्य हवाई अड्डे पर हूती विद्रोहियों के ढांचे पर हमले का है। वीडियो को शेयर करके झूठा दावा किया जा रहा है।