सोशल मीडिया पर एक वीडियो शेयर किया जा रहा है जिसमें एक मंदिर पर लोग नीले रंग का झंडा फहराते हुए नजर आ रहे हैं। कुछ लोग मंदिर के नीचे है और एक युवक मंदिर के ऊपर झंडा लगाता हुआ नजर आ रहा है।
क्या है दावा
वीडियो को शेयर करके लोग दावा कर रहे हैं कि अलवर में एक मंदिर पर दलितों से नीले रंग का झंडा फहराया है। इसी वीडियो के साथ इसे सांप्रदायिक एंगल देने की भी कोशिश की जा रही है।
अनूप शुक्ला (@anoop_013) नाम के एक एक्स यूजर ने लिखा “यह वीडियो अलवर का बताया जा रहा है,जिसमें कुछ लोगों द्वारा मंदिर पर जय भीम का झंडा फहराया गया!” (
पोस्ट का आर्काइव लिंक)
डॉ. नेहा दास (@neha_laldas) नाम के एक एक्स यूजर ने लिखा “भीम आर्मी के गुंडों ने अलवर के राम मंदिर पर, अम्बेडकर जयंती के दिन, भीम आर्मी का झंडा फहराया। इन्होंने मंदिर के ऊपर चढ़कर मंदिर की पताका उतारकर, अपना नीला झंडा फहराकर "जय भीम" का नारा लगाया! ये नतीजा है सरकार द्वारा इन नील झंडा धारियों के सिर चढ़ाने का!” (
पोस्ट का आर्काइव लिंक)
पूजा (@Pooja_Cric_04) नाम के एक एक्स यूजर ने लिखा “अलवर में मंदिर पर दलितों ने लहराया नीला झंडा ! नीले कबूतरों यही तुम मस्जिद के ऊपर करके दिखाओ 2 मिनट में औकात पता चल जाएगी..गांव का गुड़गांव बनने में देर नहीं लगेगी...असली औकात पता चल जाएगा” (
पोस्ट का आर्काइव लिंक)
पड़ताल
वीडियो की पड़ताल करने के लिए हमने वीडियो को गूगल रिवर्स इमेज पर सर्च किया यहां हमें टिंकू गौतम हरियाणवी नाम का एक
यूट्यूब चैनल मिला। इस चैनल पर ये वीडियो हमें 18 अप्रैल 2024 को प्रकाशित मिला। इस वीडियो के साथ कैप्शन में लिखा हुआ था “अलवर में मंदिर के ऊपर बाबा साहब का झंडा लगाया”
आगे सर्च करने पर हमें एक
इंस्टाग्राम पोस्ट मिला इस पोस्ट में वायरल वीडियो मौजूद था। इस वीडियो को 30 मई 2024 को पोस्ट किया गया था।
पड़ताल का नतीजा
हमारी पड़ताल में ये साफ है कि वीडियो नौ महीने पुराना है। इस वीडियो के हालिया होने का दावा गलत है।