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Fact Check: भव्य रूप से राष्ट्रगान का वीडियो गणतंत्र दिवस पर नहीं किया गया जारी, पड़ताल में जानें इसकी सच्चाई

Wed, 29 Jan 2025 01:11 PM IST
संध्या फैक्ट चेक डेस्क, अमर उजाला

सार

Fact Check: सोशल मीडिया पर एक वीडियो शेयर किया जा रहा है जिसमें दावा किया जा रहा है कि भारत के 76 वें गणतंत्र दिवस के अवसर  पर राष्ट्रगान की अनूठी प्रस्तुति गिनीज वर्ल्ड रिकॉर्ड में दर्ज की गई है। BOOM ने अपनी पड़ताल में इस दावे को गलत पाया है। 
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फैक्ट चेक - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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भारत के 76वें गणतंत्र दिवस के अवसर पर सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर एक वीडियो वायरल है। वीडियो को शेयर करते हुए दावा किया जा रहा है कि गणतंत्र दिवस की पूर्व संध्या पर राष्ट्रगान की अनूठी प्रस्तुति गिनीज वर्ल्ड रिकॉर्ड में दर्ज की गई है।

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क्या है दावा 
दावे के अनुसार, इस कार्यक्रम में 14,000 आदिवासी छात्र और भारत के प्रसिद्ध शास्त्रीय संगीतकार पंडित हरिप्रसाद चौरसिया, रिकी केज जैसे दिग्गज शामिल हुए।

बूम ने अपनी जांच में पाया कि वायरल वीडियो पुराना है।. संगीतकार और 3 बार के ग्रैमी विजेता रिकी केज की ओर से 78वें स्वतंत्रता दिवस के मौके पर राष्ट्रगान का अद्वितीय संस्करण पेश किया गया था. इसे 14 अगस्त 2024 की शाम को जारी किया गया था.

फेसबुक पेज से वीडियो को शेयर करते हुए लिखा गया है, 'गणतंत्र दिवस की पूर्व संध्या पर...हंसबंप की गारंटी... 14,000 आदिवासी छात्र 100 पीस रॉयल फिलहारमोनिक ऑर्केस्ट्रा (यूके) विश्व के प्रसिद्ध भारतीय शास्त्रीय संगीतकार और गिनीज वर्ल्ड रिकॉर्ड रिकी केज पंडित हरिप्रसाद चौरसिया और राकेश चौरसिया ने बांसुरी पर बनाया।' आर्काइव लिंक

फैक्ट चेक

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वीडियो के साथ किए जा रहे दावे की जांच के लिए हमने संबंधित कीवर्ड से गूगल पर सर्च किया, इस दौरान वीडियो से जुड़ी कई मीडिया रिपोर्ट्स मिलीं।

टाइम्स ऑफ इंडिया की 7 अगस्त 2024 की रिपोर्ट के अनुसार, ग्रैमी अवॉर्ड विजेता संगीतकार और पर्यावरणविद रिकी केज ने 14,000 आदिवासी छात्रों, दिग्गज शास्त्रीय संगीतकारों, वाद्यवादकों के साथ मिलकर भारतीय राष्ट्रगान का एक अनोखा संस्करण तैयार किया था।

रिपोर्ट में आगे बताया गया, रिकी ने ओडिशा के भुवनेश्वर में स्थित कलिंगा इंस्टिट्यूट ऑफ सोशल साइंस (केआईएसएस) में आदिवासी समुदायों के 14,000 छात्रों और शास्त्रीय संगीतकारों (वाद्यवादकों) के साथ ऑर्केस्ट्रा आधारित राष्ट्रगान के संस्करण को तैयार किया। यह संस्करण आधिकारिक रूप से 14 अगस्त 2024 को शाम 5:00 बजे जारी हुआ. इसे सबसे बड़े सामूहिक गायन पाठ के लिए गिनीज वर्ड रिकॉर्ड के रूप में दर्ज किया गया।

डीडी न्यूज की रिपोर्ट रिपोर्ट में दी गई जानकारी के अनुसार, इस कार्यक्रम की रिकॉर्डिंग में पंडित हरिप्रसाद चौरसिया, राकेश चौरसिया, राहुल शर्मा, अमान और अयान, शेख महबूब सुबहानी, कलिशाबी महबूब, डॉ. जयंती कुमारेश, गिरिधर उदुपा जैसे संगीतकार शामिल रहे।

गिनीज वर्ड रिकॉर्ड की वेबसाइट पर भी यह जानकारी साझा की गई है।

कलिंगा इंस्टिट्यूट ऑफ सोशल साइंस की वेबसाइट पर भी राष्ट्रगान के इस संस्करण को लेकर जानकारी दी गई है। जानकारी के अनुसार यह वीडियो कलिंगा इंस्टिट्यूट ऑफ सोशल साइंस के संस्थापक अच्युत सामंता और प्रसिद्ध संगीतकार रिकी केज के समन्वय में बनाया गया था, जो 14 अगस्त को रिलीज हुआ था।

अपनी जांच के दौरान हमें वीडियो निर्माता रिकी केज का इंस्टाग्राम अकाउंट भी मिला। रिकी केज के इंस्टाग्राम अकाउंट पर हमें 8 अगस्त 2024 को शेयर की गई एक पोस्ट मिली। इसमें वह लिखते हैं, 'हमने गिनीज वर्ल्ड रिकॉर्ड तोड़ा! 13,944 बच्चों ने भारतीय राष्ट्रगान गाया। “सबसे बड़ा गायन पाठ”, इससे पहले नैशविले, यूएसए में 6,651 प्रतिभागियों के साथ आयोजित किया गया था. भारत के राष्ट्रगान का आधिकारिक विमोचन 15 अगस्त 2024 पर होगा, जहां आप इस उपलब्धि के साक्षी बनेंगे!'
 




(This story was originally published by BOOM as part of the Shakti Collective. Except for the headline and opening introduction para this story has not been edited by Amar Ujala staff)

 

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