ट्रेनों से जुड़ी कई खबरें आजकल सोशल मीडिया पर वायरल हो रही है। अब और ट्रेन से जुड़ी हुई वीडियो सोशल मीडिया एक्स पर शेयर की जा रही है। इस वीडियो में देखा जा सकता है कि एक रेलवे ट्रैक पर दो ट्रेन एक साथ नजर आ रही हैं। आसपास कई लोग भी खड़े हुए नजर आ रहे हैं।
क्या है दावा
इस वीडियो को शेयर करके दावा किया जा रहा है कि दोनों ट्रेन एक ही ट्रैक पर आमने सामने आ गई। इसमें रेलवे की बहुत बड़ी लापरवाही बता कर इस वीडियो को शेयर किया जा रहा है।
कांग्रेस केरल (@INCKerala) के एक्स अकाउंट से वीडियो शेयर किया है। इस वीडियो को साथ कैप्शन लिखा गया है “ओडिशा की दो लोकल ट्रेनें एक ही ट्रैक पर एक-दूसरे पर लाल आंख दिखाते हुए रंगे हाथों पकड़ी गईं। वे एक डबल इंजन वाली सुपर ट्रेन बनाने जा रहे थे, लेकिन शुक्र है कि सतर्क लोको पायलटों ने ऐसा नहीं होने दिया।”
डॉ. शीतल यादव (@Sheetal2242) नाम के एक एक्स हैंडल से वीडियो शेयर करके लिखा गया “आज तो हद ही हो गई पुरी-जलेश्वर और क्यों-कुर्दा नाम की ट्रेनों पर एक ही ट्रैक एक दूसरे के विपरीत आ रही थी। बड़ी दुर्घटना होने से बच गए रील मंत्री जी को रील बनाने का मौका नहीं मिलेगा अफसोस।”
पड़ताल
पीटीआई ने इस खबर की पड़ताल की। इस खबर की पड़ताल करने के लिए इस खबर को ठीक से देखा गया क्योंकि ये कांग्रेस केरल के ऑफिशियल एक्स अकाउंट से शेयर किया गया था। इस पोस्ट के कमेंट सेक्शन को देखा गया तो कमेंट में पीटीआई को East Coast Railway के हैंडल से किया गया एक कमेंट मिला। ईस्ट कोस्ट रेलवे भारत सरकार के रेल मंत्रालय के अधीन ईस्ट कोस्ट रेलवे भारतीय रेल के 17 जोनों में से एक है।
ईस्ट कोस्ट रेलवे ने कमेंट करके कहा था कि “यह वीडियो 1.9.2024 को केंद्रपाड़ा रोड-नेरगुंडी सेक्शन, खुर्दा रोड डिवीजन पर शूट किया गया था। यह स्पष्ट किया गया कि यह सेक्शन एक ऑटो क्षेत्र है और ऑटो सेक्शन के एक ब्लॉक सेक्शन में कई ट्रेनें रह सकती हैं। संचालन में कुछ भी असामान्य नहीं है। प्रभावशाली लोगों से अपील है कि वे गलत सूचना न फैलाएं।”
इसके साथ ही ईस्ट कोस्ट रेलवे ने एक पोस्टर भी शेयर किया था जिसमें कमेंट में दी गई जानकारी दी लिखी हुई थी।
पड़ताल का नतीजा
पीटीआई की पड़ताल में यह साफ है कि कांग्रेस केरल के हैंडल से शेयर किया जा रहा वीडियो और दावा भ्रामक है।