बीते शनिवार को अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप पर जानलेवा हमला हुआ। इस हमले में रिपब्लिकन पार्टी के ट्रंप बाल-बाल बच गए। पूर्व राष्ट्रपति ट्रंप पर जब हमला हुआ तब वो एक चुनावी रैली को संबोधित कर रहे थे। इस घटना को जिसने अंजाम दिया उसकी पहचान 20 वर्षीय थॉमस मैथ्यू क्रुक्स के रूप में हुई है। हमलावर को गोलीबारी के तुरंत बाद ही सुरक्षा बलों ने मार गिराया। इस घटना के बाद सोशल मीडिया पर एक व्यक्ति के चीखने-चिल्लाने वाला एक वीडियो वायरल है जिसे साझा कर दावा किया जा रहा है कि वह हमलावर क्रुक्स है।
क्या है दावा?
सोशल मीडिया एप एक्स पर वायरल वीडियो में दिखाया गया है कि वह व्यक्ति 'रिपब्लिकन का गला काट दो' चिल्ला रहा है। काले कपड़े पहने और गले में पीले हेडफोन लटकाए यह युवक कुछ छात्रों के सामने हंगामा कर रहा है।
वीडियो शेयर कर इसे ट्रंप पर हुए हमले से जोड़ा जा रहा है। ट्रैश डिस्कोर्स नाम के वेरिफाइड एक्स यूजर ने एक्स पर वीडियो साझा किया और लिखा, 'रिपब्लिकन का गला काट दो। फांसीवादियों को मौत दो। डोनाल्ड ट्रंप के हमलावर के कथित संदिग्ध की बेकाबू चीखें। निश्चित रूप से इस व्यक्ति को जांच के लिए सूची में शामिल किया जाना चाहिए।'
डाइने विलेट नाम की एक एक्स यूजर ने भी वीडियो साझा किया और लिखा, 'यहां मैथ्यू क्रुक्स, तथाकथित रिपब्लिकन, रिपब्लिकनों का गला काटने के लिए चिल्ला रहा है।' अन्य सोशल मीडिया पर भी यह वीडियो कुछ ऐसे ही कैप्शन के साथ वायरल हो रहा है।'
पड़ताल
इस वीडियो की पड़ताल के लिए हमने सबसे पहले गूगल पर वायरल वीडियो के की-फ्रेम को रिवर्स इमेज सर्च किया। गूगल रिजल्ट में हमें इससे संबंधित एक खबर ब्रिटेन के अखबार
डेली मेल पर मिली। फरवरी 2020 में प्रकाशित इस खबर के अनुसार, महाभियोग के दो मामलों में डोनाल्ड ट्रंप के बरी होने के बाद एरिजोना स्टेट यूनिवर्सिटी के छात्र ने चिल्लाते हुए कहा 'रिपब्लिकन का गला काट दो'। युवक को यूनिवर्सिटी के टेम्पे परिसर में छात्रों की एक मेज के सामने डोनाल्ड ट्रंप पर चिल्लाते हुए देखा गया। उस वक्त यह वीडियो एक्स पर '
स्टूडेंट्स फॉर ट्रंप एट एएसयू' अकाउंट से भी पोस्ट किया गया था, जिसमें उस व्यक्ति को 'पागल वामपंथी' करार दिया गया था।
पड़ताल का नतीजा
पड़ताल से साफ है कि यह दावा कि ट्रंप पर हमला करने वाले का वीडियो सामने आया है जिसमें वह रिपब्लिकन के गला काटने की बात कर रहा है, भ्रामक है। मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, यह वीडियो कम से कम चार साल पुराना है और ट्रंप से महाभियोग से बरी होने के दौरान का है।