सोशल मीडिया पर इन दिनों एक वीडियो वायरल हो रहा है। वीडियो में नजर आ रहा है कि पुलिस एक शख्स को गिरफ्तार करके ले जा रही है। वीडियो को शेयर कर दावा किया जा रहा है कि असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है।
अमर उजाला ने अपनी पड़ताल में वायरल दावा को गलत पाया है। हमने पाया कि वी़डियो में नजर आ रहे व्यक्ति हिमंत बिस्वा सरमा नहीं हैं। यह दरभंगा के नामी क्रिमिनल लॉयर अम्बर इमाम हाशमी हैं।
क्या है दावा
सोशल मीडिया पर एक वीडियो शेयर कर दावा किया जा रहा है असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा को गिरफ्तार कर लिया गया है।
अफसर अली हियर नाम के इंस्टाग्राम यूजर ने लिखा “आखिरकार हिमंत बिस्वा शर्मा को गिरफ्तार कर लिया गया, इसे शेयर करें। ऐसे कई कारण हैं जिनकी वजह से आपको अपने चाचा को गिरफ्तार नहीं करना चाहिए। “ पोस्ट का लिंक आप यहां और आर्काइव लिंक यहां देख सकते हैं।
इसी तरह के कई अन्य दावों के लिंक आप यहां और यहां देख सकते हैं। इनके आर्काइव लिंक आप यहां और यहां देख सकते हैं।
पड़ताल
हमने दावे की पड़ताल करने के लिए कीवर्ड की मदद से सर्च किया। इस दौरान हमें हिमंत बिस्वा की गिरफ्तारी से जुड़ी कोई रिपोर्ट नहीं मिली। इसके बाद हमने हिमंत बिस्वा के एक्स हैंडल सर्च किया। इस दौरान हमें उनके अकाउंट पर कई हालिया पोस्ट देखने को मिला।

यहां से पता चलता है कि हिमंत बिस्वा को गिरफ्तार नहीं किया गया है।
आगे दावे की पड़ताल करने के लिए हमने वीडियो के कीफ्रेम को गूगल रिवर्स इमेज पर सर्च किया। इस दौरान हमें पकी खबर नाम के यूट्यूब यूजर पर वायरल वीडियो देखने को मिला। यह वीडियो 20 जून 2025 को साझा किया गया है। वीडियो को शेयर कर बताया गया है कि दरभंगा में चर्चित अधिवक्ता अम्बर इमाम हाशमी को जेल भेज दिया गया।

इसके बाद हमने वीडियो में इस्तेमाल कीवर्ड से सर्च किया। इस दौरान हमें एबीपी बिहार की एक रिपोर्ट मिली। यह रिपोर्ट 22 जून को प्रकाशित की गई है। रिपोर्ट में बताया गया है कि दरभंगा के एक वरिष्ठ वकील अंबर इमाम हाशमी को जिला न्यायालय में ही गिरफ्तार कर लिया गया। उन्होंने कोर्ट को सूचित किया था कि वे जिले से बाहर हैं, लेकिन उसी दिन एक अन्य मामले में कोर्ट में उपस्थित हुए। जज ने उनके झूठे बयान को पकड़ा और तुरंत गिरफ्तारी का आदेश दिया।

आगे की पड़ताल के लिए हमने अमर उजाला के न्यूज डेस्क से संपर्क किया। इस दौरान हमें एक रिपोर्ट मिली। यह रिपोर्ट 20 जून 2025 को प्रकाशित की गई है। रिपोर्ट में बताया गया है कि दरभंगा व्यवहार न्यायालय में शुक्रवार को नामी क्रिमिनल लॉयर अम्बर इमाम हाशमी को 32 साल पुराने हत्या के मामले में कोर्ट से ही गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया। उन्होंने कोर्ट को गुमराह कर बताया था कि वे जिले से बाहर हैं, लेकिन उसी अदालत में एक अन्य केस में बहस करने पहुंच गए।

पड़ताल का नतीजा
हमने अपनी पड़ताल में वायरल वीडियो को भ्रामक पाया है। हमने पाया कि असम के मुख्यमंत्री को गिरफ्तार नहीं किया गया है।