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Fact Check: युवक से मारपीट की घटना को गलत तरीके से दिया जा रहा सांप्रदायिक एंगल, जानें पड़ताल में सच

Mon, 30 Sep 2024 08:30 PM IST
संध्या फैक्ट चेक डेस्क, अमर उजाला

सार

Fact Check: व्यक्ति के साथ मारपीट के एक वीडियो को सांप्रदायिक रंग देने की कोशिश की जा रही है। दावा किया जा रहा है कि मुस्लिम व्यक्ति को पीटा जा रहा है। 

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फैक्ट चेक - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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सोशल मीडिया एक्स पर एक वीडियो वायरल हो रहा है वीडियो में एक व्यक्ति को कुछ लोग पीटते हुए नजर आ रहे हैं। व्यक्ति को एक जगह से दूसरी जगह उठाकर ले जाते हुए भी कुछ लोग नजर आ रहे हैं। 
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क्या है दावा

वीडियो को शेयर करके दावा किया जा रहा है कि एक मुस्लिम व्यक्ति को कुछ लोग पीट रहे हैं। साथ ही उसके शरीर की चमड़ी भी निकल गई है। इस मामले को सांप्रदायिक रंग देने की कोशिश की जा रही है। 

हारून खान (@iamharunkhan) नाम के एक एक्स यूजर ने लिखा “बदायूं के दातागंज में मुस्लिम युवक "अरशद" को बांधकर बेरहमी से पीटा गया। पिटाई के कारण उसके शरीर के कई हिस्सों की चमड़ी उधड़ गई।” 
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सादिक (@sadiksln) नाम के एक एक्स यूजर ने लिखा “बदायूं के दातागंज में मुस्लिम युवक "अरशद" को बांधकर बेरहमी से पीटा गया। पिटाई के कारण उसके शरीर के कई हिस्सों की चमड़ी उधड़ गई।”
 

पड़ताल 

वीडियो की पड़ताल करने के लिए हमने अमर उजाला के न्यूज डेस्क से संपर्क किया। यहां से हमें 26 सितंबर को प्रकाशित एक खबर मिली। खबर के मुताबिक, बदायूं के दातागंज कस्बे के मोहल्ला अरेला में अरशद नाम के युवक का मंगलवार रात अपहरण करने के बाद 15-20 लोगों ने उसे चोर बताते हुए खंभे से बांधकर पीटा। पीटने का वीडियो वायरल होने के बाद एसएसपी सख्ती दिखाते हुए मामले में लल्ला बाबू, जमील व जुल्फकार को गिरफ्तार किया। पुलिस की जांच से पता चला अरशद का छोटे भाई ने एक युवती से प्रेम विवाह कर लिया था, इसलिए अरशद को पीटा गया। खबर में हमें किसी भी तरह की सांप्रदायिक रंग होने की कोई जानकारी नहीं मिली। 

पुलिस का भी इस पूरे मामले पर बयान सामने आया है। बदायूं पुलिस के मुताबिक “थाना दातागंज कोतवाली क्षेत्र में एक युवक को खंभे से बांधकर पीटने की घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। उक्त संबंध में स्थानीय पुलिस द्वारा अभियोग पंजीकृत कर तीन अभियुक्तों को गिरफ्तार कर लिया गया है।” पुलिस ने भी इस मामले में कोई सांप्रदायिक घटना होने की बात नहीं की है। 
 

पड़ताल का नतीजा

हमारी पड़ताल में ये साफ है कि मारपीट का कारण सांप्रदायिक नहीं है। 

 
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