अमेरिका के इलिनोइस में एक टारगेट स्टोर से कथित तौर पर 1,300 डॉलर (1.11 लाख रुपये ) से अधिक मूल्य का सामान चुराने की कोशिश करने वाली एक भारतीय महिला की गिरफ्तारी का एक वीडियो वायरल होने के बाद ऑनलाइन एक बड़ी बहस छेड़ दी है। वीडियो में दिख रहा है महिला पुलिस से खुद को छोड़ने के लिए गुहार लगाती हुई नजर आ रही है।
अब महिला की एक तस्वीर को सोशल मीडिया पर शेयर की जा रही है, जिसमें वह भाजपा की टोपी पहने नजर आ रही है। दावा किया जा रहा है कि महिला भाजपा से संबंधित है जो अमेरिका में जाकर चोरी करती हुई पकड़ी गई। अमर उजाला ने अपनी पड़ताल में इस दावे को गलत पाया है। हमारी पड़ताल में यह सामने आया कि एक महिला अमेरिका के टारगेट स्टोर में चोरी करती हुई पकड़ी गई थी। इसके बाद भारत में अमेरिकी दूतावास की तरह से ऐसी हरकत करने वाले के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करने के लिए कहा गया था। साथ ही पकड़ी गई महिला का भाजपा से संबंधित होने की कोई विश्वसनीय रिपोर्ट हमें नहीं मिली।
क्या है दावा
अमेरिका में चोरी करने वाली महिला की तस्वीर को शेयर करके दावा किया जा रहा है कि उसका संबंध भाजपा से है।
(चिराग पटेल) @tuvter नाम के एक एक्स यूजर ने इस वीडियो को शेयर करके लिखा “भाजपा ने अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर विस्तार की दिशा में पहला कदम उठाते हुए US के राज्य Illinois में अपने पहले संभावित उम्मीदवार की पहचान कर ली है।” पोस्ट का लिंक और आर्काइव लिंक आप
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इस तरह के कई और दावों के लिंक आप
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यहां देख सकते हैं। इसके आर्काइव लिंक आप
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पड़ताल
इस दावे की पड़ताल करने के लिए हमने इस तस्वीर को गूगल रिवर्स इमेज पर सर्च किया। यहां हमें
इकोनॉमिक्स टाइम्स की एक रिपोर्ट मिली। इस रिपोर्ट में महिला का नाम अवलानी बताया गया था। आगे बताया गया था कि “अमेरिका के एक टारगेट स्टोर में खरीदारी के दौरान एक भारतीय पर्यटक, जिसकी पहचान अवलानी के रूप में हुई है, के लिए एक चौंकाने वाला मोड़ तब आया जब उसे कथित तौर पर लगभग 1,000 डॉलर (लगभग 1.1 लाख रुपये) का सामान चुराते हुए पकड़ा गया। इस घटना के बाद उसे तुरंत गिरफ्तार कर लिया गया।”
हमें इस तस्वीर के बारे में इंटरनेट पर एक भी विश्वसनीय रिपोर्ट देखने को नहीं मिली। इसके बार हमने इस तस्वीर को एआई टूल पर यह जानने के लिए सर्च किया कि कहीं इस तस्वीर को एआई के माध्यम से तो नहीं बनाया गया है। इसके लिए हमने सबसे पहले हाइव टूल का इस्तेमाल किया। इस टूल से हमें इस तस्वीर के 99.9% एआई से बने होने की जानकारी मिली।
आगे हमने कैंटिलक्स पर इस तस्वीर के एआई से बने होने की जांच की। इस टूल ने भी तस्वीर को एआई से बने होने की संभावना काफी अधिक दिखाई।
पड़ताल का नतीजा
हमारी पड़ताल में यह साफ है कि फोटो को एआई के माध्यम से बनाकर शेयर किया जा रहा है। महिला का भाजपा से संबंधित होने का दावा झूठा है।