सोशल मीडिया एक्स पर एक रिपोर्टर का वीडियो वायरल हो रहा है जिसमें रिपोर्टिंग करते हुए रिपोर्टर को कुछ लोग पीछे से मारते हुए नजर आ रहे हैं। इन लोगों ने मुंह को किसी कपड़े से ढका हुआ है जिसके कारण उनका चेहरा नहीं दिख रहा है।
क्या है दावा
इस वीडियो को शेयर करके बांग्लादेश का बताया जा रहा है। इसके साथ ही दावा किया जा रहा है कि बांग्लादेश में पत्रकारों के हालात खराब हैं।
प्रोफेसर सुधांशु (@Sudanshutrivedi) नाम के एक एक्स यूजर (पैरोडी) ने वीडियो को शेयर करते हुए लिखा “भारत के जो पत्रकार बांग्लादेश के हालात पर खुशी मना रहे हैं, उन्हें जरा शर्म आनी चाहिए! देखिए, बांग्लादेश में मीडिया वालों के साथ क्या बर्बर सलूक हो रहा है। आखिरकार, यह सब देखकर आप लोग कैसे खुशी मना सकते हैं?”
सुमेरा सिंह (@sumerkrishnia) नाम के एक और एक्स अकाउंट से इस वीडियो को शेयर करके लिखा गया “भारत के जो पत्रकार बांग्लादेश के हालात पर खुशी मना रहे हैं, उन्हें जरा शर्म आनी चाहिए! खासकर रवीश कुमार जैसों को, देखिए, बांग्लादेश में मीडिया वालों के साथ क्या बर्बर सलूक हो रहा है। आखिरकार, यह सब देखकर आप लोग कैसे खुशी मना सकते हैं?”
पड़ताल
वीडियो की पड़ताल करने के लिए हमने गूगल पर रिवर्स इमेज पर इस वीडियो के कीफ्रेम को सर्च किया। हमें ये पूरा वीडियो एक
फेसबुक अकाउंट पर मिला। इस वीडियो को 2020 में शेयर किया गया था जहां से ये साफ हो गया की वीडियो पुराना है। इस फेसबुक वीडियो में हमें सोमॉय टीवी का सोर्स मिला।
यूट्यूब पर हमें समॉय टीवी पर ये पूरा वीडियो देखने को मिला जो कि बांग्लादेश का न्यूज चैनल है।
यहां से हमें पता चला कि ये पत्रकार सोमॉय टीवी के संवाददाता हसनुज्जमां साकी हैं। इसके बाद हमने ‘सोमॉय टीवी’, ‘हसानुज्जमन साकी’ जैसे कीवर्ड सर्च किए। जिसके बाद हमें ‘
द बिजनेस स्टैंडर्ड’ की खबर मिली। इस खबर के मुताबिक “सोमॉय टेलीविजन के विशेष संवाददाता हसनुज्जमां साकी पर न्यूयॉर्क से विरोध प्रदर्शन को कवर करते समय कुछ अमेरिकी प्रदर्शनकारियों ने हमला किया।”
पड़ताल का नतीजा
हमारी पड़ताल में ये साफ है कि वीडियो करीब चार साल पुराना है। इसका बांग्लादेश में उपजे ताजा हालातों से कोई लेना देना नहीं है।