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Fact Check: कर्नाटक में काली नदी पर बने पुल के गिरने को बताया जा रहा मोदी सरकार की नाकामी, जानें पूरा सच

Sat, 07 Sep 2024 07:28 PM IST
संध्या फैक्ट चेक डेस्क, अमर उजाला

सार

Fact Check: एक टूटे हुए पुल के टूटने का वीडियो सोशल मीडिया पर लगातार वायरल है। इस वीडियो में पुल टूटने को मोदी सरकार का नाकामी बताया जा रहा है। 
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फैक्ट चेक - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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सोशल मीडिया पर एक टूटे हुए पुल का वीडियो वायरल हो रहा है। वीडियो में देखा जा सकता है कि एक पुल टूट कर नदी में समा गया है और दूसरे पुल से इसका वीडियो बनाया जा रहा है। 
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क्या है दावा 
इस वीडियो को शेयर करके मोदी सरकार में बने होने का दावा किया जा रहा है। टूटे पुल को मोदी सरकार में बने होने का दावा किया जा रहा है और जो पुल सही है उसे कांग्रेस में बनने का दावा किया जा रहा है। 

ध्रुव राठी सटायर (@DhruvRatheFc) नाम के एक्स यूजर ने वीडियो शेयर करते हुए लिखा “बगल वाला जो कांग्रेस के लूट वाला है, जस का तस सीना ताने खड़ा है और आज मोदी का एक और विकास डुबकी लगा दिया।” राजश्री यादव (@Rajshree_yadav_) नाम के एक एक्स यूजर ने वीडियो शेयर करके लिखा “बगल वाला जो कांग्रेस के लूट वाला पुल जस का तस सीना ताने खड़ा है
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और आज मोदी का एक और  विकास डुबकी लगा दिया।”
पड़ताल 
इस वीडियो की पड़ताल करने के लिए हमने वीडियो के कीफ्रेम में रिवर्स सर्च किया तो हमें इसी तरह का एक वीडियो मिला जिसे काली पुल कारवार कैप्शन के साथ पोस्ट किया गया था। इंटरनेट पर काली पुल कारवार जैसे कीवर्ड सर्च करने पर हमें वायरल वीडियो से जुड़ी कई खबरें मिली। ये खबरें अगस्त 2024 की थी। 

खबर के बारे में जानने के लिए अमर उजाला के न्यूज डेस्क से संपर्क किया तो हमें 7 अगस्त की एक खबर मिली जिसमें बताया गया था कि कर्नाटक में काली नदी पर बने पुल के ढहने से गोवा-कर्नाटक राजमार्ग पर यातायात प्रभावित। टाइम्स ऑफ इंडिया की खबर के मुताबिक गिरने वाला पुल लगभग 40 साल पुराना है। 

पड़ताल का नतीजा
हमारी पड़ताल में ये साफ है कि ये पुल लगभग 40 साल पुराना था। पुल को मोदी सरकार में बना होने का दावा भ्रामक है। 
 
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