हाल ही में सोशल मीडिया एप एक्स पर एक वीडियो वायरल है जिसमें देखा जा सकता है गुलाबी रंग की साड़ी पहने एक महिला को पेड़ से बांधा हुआ है। आसपास भीड़ ने एक घेरा बना रखा है और बीच में पेड़ से बंधी हुई महिला को एक आदमी बेल्ट से पीट रहा है। महिला काफी तेज चिल्लाती हुई भी नजर आ रही है।
क्या है दावा
इस वीडियो को कुछ एक्स यूजर्स ने शेयर करते हुए हाल फिलहाल में हुई भारत की घटना बता रहें है। द सेवियर (@stairwayto3dom) नाम के एक एक्स यूजर ने वीडियो शेयर करते हुए लिखा है “इंडिया ये क्या है?”
बरीज़ नाम के एक और अकाउंट से इस वीडियो को शेयर किया गाया लिखा “जब महिलाओं की बात आती है तो भारत दूसरा अफगानिस्तान है। जब एक महिला को सरेआम पीटा जा रहा था तो सभी विकृत लोग देख रहे थे.... फिर से अफगानिस्तान की तरह। बख्त तालिबान से भी बदतर हैं।”
रशीद खान मेवाती नाम के एक एक्स यूजर नें लिखा “वे महिलाओं के ख़िलाफ़ क्रूरता के लिए तालिबान को कोसते हैं! पाखंड की भी सीमा होती है।”
गॉडफादर (@Akasamutwe250) नाम के एक अकाउंट से पोस्ट किया गया "भारत में महिलाओं के साथ ऐसा व्यवहार क्यों किया जाता है?"
पड़ताल
इस वीडियो की पड़ताल करने के लिए हमने सबसे पहले गूगल पर वायरल वीडियो के की-फ्रेम को रिवर्स इमेज सर्च किया। गूगल रिजल्ट में हमें इससे संबंधित कुछ पुरानी खबरें मिली। यहां से यह साफ हो गया कि ये वीडियो पुराना है। इन खबरों से ये जानकारी मिली की ये घटना उत्तर प्रदेश के बुलंदशहर में हुई थी। इस घटना की पूरी जानकारी लेने के लिए हमने न्यूज डेस्क, अमर उजाला, बुलंदशहर से संपर्क किया। यहां से हमें जानकारी मिली कि ये खबर अमर उजाला में 23 मार्च 2018 को प्रकाशित की थी। इससे ये पता चला की घटना 2018 की है।
खबर के मुताबिक स्याना इलाके के एक गांव में विवाहित महिला किसी अन्य आदमी के साथ अपनी मर्जी से भाग गई थी। पांच-छह दिन तक महिला उसी के साथ रही। फिर आदमी का कोई रिश्तेदार महिला को गांव वापस छोड़ गया। इसके बाद पंचायत ने 20 मार्च को सजा के तौर पर महिला को पूरे गांव के सामने पेड़ से बांधकर पीटने का फरमान सुनाया। हालांकि पुलिस का बयान भी इस मामले में सामने आया था। कोतवाल अल्ताफ अंसारी के अनुसार तीन नामजद आरोपियों को जेल भेज दिया गया था। बाकी लोगों की तलाश पुलिस कर रही थी।
पड़ताल का नतीजा
हमारी पड़ताल से ये साफ है कि वायरल हो रहा वीडियो 5 साल पुराना है और अमर उजाला के न्यूज डेस्क, बुलंदशहर ने बताया है कि उस समय घटना के आरोपियों को पुलिस से गिरफ्तार करके उचित कार्रवाई भी की थी।