Fact Check: सोशल मीडिया पर एक वीडियो वायरल हो रहा है, जिसमें दावा किया गया है कि चेन्नई में डीएमके नेताओं ने भाजपा कार्यकर्ता को पीटा। पड़ताल में यह दावा बेबुनियाद निकला।
एक तरफ तमिलनाडु में लोकसभा चुनाव के पहले चरण के लिए मतदान की तैयारियां हो रही हैं, तो दूसरी तरफ मतदान से ठीक पहले सोशल मीडिया पर एक वीडियो वायरल हो रहा है। इस वीडियो को शेयर कर दावा किया जा रहा है कि तमिलनाडु में भाजपा के आईटीऔर मीडिया सेल के जिला सचिव राजेश बिजू पर डीएमके कार्यकर्ताओं द्वारा हमला किया गया। हमारी पड़ताल में यह दावा बेबुनियाद निकला।
दावा
इस वीडियो को लेकर दावा किया जा रहा है कि तमिलनाडु भाजपा आईटी और सोशल मीडिया सेल के जिला सचिव राजेश बीजू को उनके घर के सामने बेरहमी से पीटा गया।
एक यूजर ने इस वीडियो को शेयर करते हुए लिखा है कि तमिलनाडु में भाजपा आईटी और सोशल मीडिया सेल के जिला सचिव राजेश बिजू पर कल शाम उनके घर के सामने बेरहमी से हमला किया गया। आगे लिखा गया है कि राजेश की हालत गंभीर है और उनका चेन्नई पूर्व के नंगनल्लूर स्थित श्री चक्र अस्पताल में इलाज चल रहा है। बीजेपी की बढ़ती लहर और मोदी-अन्नामलाई की बढ़ती लोकप्रियता से विपक्ष इतना डरा हुआ क्यों है?
पड़ताल
इस वीडियो की पड़ताल के लिए हमने गूगल लैंस पर वीडियो के की-फ्रेम को रिवर्स इमेज सर्च किया। इस दौरान हमें कुछ पुराने न्यूज आर्टिकल मिले, जिनमें इस वीडियो को जुलाई 2023 का बताया गया है। इनमें बताया गया है कि राजेश बिजू पर उनकी ही पार्टी के सदस्यों द्वारा हमला किया था। मारपीट की इस घटना में चेन्नई पूर्व जिले के भाजपा महासचिव एस सुब्बैया शामिल थे।
खबरों के अनुसार सुब्बैया की शराब पीते हुुए तस्वीर वायरल हो गई थी, जिसका संदेह उन्हें राजेश बिजू पर था। इस वजह से उन्होंने अपने भतीजे मुथरासन और पार्टी के क्षेत्रीय अध्यक्ष जवाहर आर्मस्ट्रांग के साथ मिलकर राजेश को पीटा था। राजेश की शिकायत के बाद, तमिलनाडु पुलिस ने तीनों को गिरफ्तार कर लिया।
हमने पड़ताल को आगे बढ़ाया तो हमें एक्स पर चेन्नई पुलिस का एक ट्वीट मिला। इसमें साफ तौर पर लिखा गया है कि यह वीडियो पुराना है। पुलिस ने बताया कि यह घटना अभी की नहीं बल्कि 31 जुलाई 2023 की है और इसमें उचित कार्रवाई भी की गई है। पुलिस का कहना है कि गलत और अपुष्ट जानकारी फैलाने वालों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
पड़ताल का नतीजा
पड़ताल से साफ है कि यह वीडियो पुराना है और इसे अब भ्रामक तथ्यों के साथ शेयर किया जा रहा है। यह विपक्ष नहीं बल्कि भाजपा नेताओं के बीच आपसी विवाद का मामला है।