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Fact Check: क्या सच में खूबसूरती की वजह से ओलंपिक से बाहर हुईं पराग्वे की तैराक लुआना अलोंसो, पढ़ें ये पड़ताल

Thu, 08 Aug 2024 07:50 PM IST
शिवेंद्र फैक्ट चेक डेस्क, अमर उजाला

सार

Fact Check: ओलंपिक खेलों के बीच पराग्वे की तैराक लुआना अलोंसो की एक खबर सोशल मीडिया पर जमकर वायरल है। अलोंसो की तस्वीरें साझा कर दावा किया जा रहा कि उन्हें खूबसूरती की वजह से प्रतियोगिता से बाहर कर दिया गया। हालांकि, पड़ताल में सच्चाई कुछ और ही निकली।
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FACT CHECK - फोटो : AMAR UJALA
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विस्तार
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इस समय खेलों का महाकुंभ यानी ओलंपिक चल रहा है। 26 जुलाई को फ्रांस की राजधानी पेरिस में 33वें ओलंपिक खेलों की शुरुआत हुई थी। ओलंपिक खेल 11 अगस्त तक चलेंगे। इस आयोजन में कई बार विवाद भी सामने आया। भारतीय महिला पहलवान विनेश फोगाट को बढ़े हुए वजन कारण फाइनल से बाहर होना पड़ा। इन सबके बीच सोशल मीडिया पर एक खबर में दावा किया जा रहा है कि पराग्वे की एक तैराक को उनकी सुंदरता के आधार पर ओलंपिक से बाहर कर दिया गया। 
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क्या है दावा? 
ओलंपिक खेलों के बीच पराग्वे की तैराक लुआना अलोंसो की एक खबर सोशल मीडिया पर जमकर वायरल है। अलोंसो की तस्वीरें साझा कर दावा किया जा रहा कि खूबसूरती की वजह से तैराक को प्रतियोगिता से बाहर कर दिया गया। 

पंकज राय नामक एक और वेरीफाइड एक्स यूजर ने लिखा, 'अजब-गजब पेरिस ओलंपिक। ये पैराग्वे की तैराक लुआना अलॉसों हैं। ये भी पेरिस ओलंपिक मे भाग लेने आयी थीं। इनको अपने ही देश के खिलाड़ियों की वजह से बिना खेले वापस अपने देश लौटना पड़ा। कारण बड़ा मजेदार है। ये बला की खूबसूरत हैं। ये खूबसूरती ही इनके लिए अभिशाप बन गया। इनके साथ के खिलाडियों नें अपने मैनेजमेंट को शिकायत किया कि इनके वजह से हम अपने प्रैक्टिस पर ध्यान नहीं दे पा रहे हैं, हमारा ध्यान भटक रहा है। फिर क्या पैराग्वे के मैनेजमेंट ने इनको वापस अपने देश भेज दिया।' अक्की शेरा नामक वेरिफाइड एक्स यूजर ने लिखा, 'ये पैराग्वे की स्विमर लुआना अलोंसो हैं! यदि लुआना अलोंसो को ओलंपिक से बाहर करने का निर्णय उनकी व्यक्तिगत विशेषताओं, जैसे कि उनकी खूबसूरती, के आधार पर लिया गया है, तो यह फैसला न केवल विवादास्पद बल्कि अस्वीकार्य भी है। खेल की दुनिया में एथलीटों की योग्यता, उनकी मेहनत, और उनके प्रदर्शन पर ध्यान देना चाहिए, न कि उनकी व्यक्तिगत उपस्थिति पर। आईओसी का यह फैसला केवल उनकी खूबसूरती या अन्य व्यक्तिगत विशेषताओं के कारण था, तो यह न केवल अनैतिक है बल्कि खेल की भावना के खिलाफ भी है। इस तरह के निर्णय खेल की सच्ची भावना को नुकसान पहुंचाते हैं और एथलीटों के प्रति असमान व्यवहार को बढ़ावा देते हैं। क्या आईओसी का ये फैसला सही है?'
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अन्य सोशल मीडिया माध्यमों पर भी यह खबर कुछ ऐसे ही दावों के साथ वायरल हो रही है।

पड़ताल 
इस खबर की पड़ताल के लिए हमने सबसे पहले इंटरनेट पर कुछ कीवर्ड सर्च किए। गूगल रिजल्ट में हमें 7 अगस्त, 2024 को ब्रिटेन के अखबार द इंडिपेंडेंट पर प्रकाशित एक रिपोर्ट मिली। इस खबर के अनुसार, अलोंसो ने सोशल मीडिया पर चल रहीं ऐसी सभी अफवाहों का खंडन किया है।
 

अलोंसो ने सोमवार को जारी एक बयान में कहा, 'मैं बस यह स्पष्ट करना चाहती थी कि मुझे कभी भी कहीं से बाहर नहीं निकाला गया या निष्कासित नहीं किया गया, कृपया गलत जानकारी फैलाना बंद करें। अलोंसो ने अपनी स्टोरी में यह भी लिखा, 'मैं कोई बयान नहीं देना चाहती लेकिन मैं झूठ को अपने ऊपर हावी नहीं होने दूंगी।'



बता दें कि पिछले सप्ताह महिलाओं की 100 मीटर बटरफ्लाई सेमीफाइनल में स्थान बनाने में असफल होने के कुछ समय बाद ही लुआना अलोंसो ने संन्यास लेने की घोषणा कर दी थी। 

पड़ताल का नतीजा
पड़ताल से साफ है कि यह दावा कि, तैराक लुआना अलोंसो को उनकी सुंदरता के आधार पर ओलंपिक से बाहर कर दिया गया, गलत है। खुद तैराक ने अफवाहों का खंडन किया है। 



 
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