सोशल मीडिया पर एक फोटो वायरल हो रहा है। इस फोटो में एक शख्स वकील की वेशभूषा में नजर आ रहा है। इस वकील का नाम हरिहर पांडे बताया जा रहा है।
क्या है दावा
इस तस्वीर को शेयर करके दावा किया जा रहा है कि ज्ञानवापी मस्जिद मामले में पिटीशन फाइल करने वाले वकील भैय्या हरिहर पांडे की मृत्यु हो गई है।
दिव्या कुमारी (@divyakumaari) नाम के एक एक्स यूजर ने लिखा “पहचाना इस व्यक्ति को किसी ने ज्ञानवापी मस्जिद की जिसने पेटिशन फाइल की थी, वो भैय्या हरिहर पांडे बिना अपना सपना पूरा किये ही अलविदा के गए दुखद..समाचार l परिवार को सब्र और गलत कामों से रोकने हिदायत देl ज्ञानवापी परिसर मामले के याचिकाकर्ता हरिहर पांडेय का रविवार को सुबह बीएचयू में निधन हों गया। तीन याचिकाकर्ताओं में से पहले ही दो याचिकाकर्ता सोमनाथ व्यास और रामनारायण शर्मा की मौत हो चुकी है...कितना गलत हो रहा अंधभक्तों के साथ मुझसे देखा नहीं जाता। (
पोस्ट का आर्काइव लिंक)
तनवीर रंगरेज (@virjust18) नाम के एक एक्स यूजर ने लिखा “कौन है ये इस व्यक्ति को किसी ने पहचाना। पहचान अपने कर्मो से होती है, नहीं पहचाना तो शायद इसके कर्म अच्छे नहीं होंगे, ज्ञानवापी मस्जिद के लिए जिसने पिटीशन फाइल की थी, ये वो हरिहरपांडे बिना अपना सपना पूरा किये ही नरक चले गए दुखद..समाचार l परिवार को सब्र और गलत कामों से रोकने हिदायत दे l ज्ञानवापी परिसर मामले के याचिकाकर्ता हरिहर पांडेय का रविवार को सुबह बीएचयू में निधन हो गया। तीन याचिकाकर्ताओं में से पहले ही दो याचिकाकर्ता सोमनाथ व्यास और रामनारायण शर्मा नरक सिधार चुके है। कितना गलत हो रहा। (
पोस्ट का आर्काइव लिंक)
इसी तरह के कई और ट्वीट आप
यहां और
यहां देख सकते हैं।
पड़ताल
इस फोटो को हमने गूगल रिवर्स इमेज पर सर्च किया। यहां हमें
जस्ट डायल पर ये फोटो मिली। इस फोटो के साथ लिखा हुआ था वाराणसी में वकील। फोटो के साथ राजा आनंद ज्योति सिंह पूरा नाम लिखा हुआ था।
इस नाम से कुछ संकेत लेकर हमने कीवर्ड के माध्यम से इंटरनेट पर सर्च किया। यहां हमें
अमर उजाला की 30 नवंबर को प्रकाशित एक खबर मिली। इस खबर में वायरल हो रही तस्वीर मिली। इस खबर में लिखा था “सेंट्रल बार वाराणसी के पूर्व उपाध्यक्ष अधिवक्ता राजा आनंद ज्योति सिंह का निधन हो गया। बताया जा रहा है कि फूड प्वाइजनिंग के बाद मकबूल आलम रोड स्थित एक निजी अस्पताल में उपचार के दौरान निधन हो गया। वह एक दवा कारोबारी के यहां पार्टी में शामिल होने के बाद घर लौट रहे थे।”
यहां से ये साबित हो गया कि वायरल हो रही तस्वीर में दिख रहे वकील का नाम हरिहर पांडे नहीं है।
अमर उजाला के न्यूज डेस्क से संपर्क करने पर हमें हरिहर पांडे के निधन से जुड़ी हुई खबर भी मिली। यहां से हमें पता चला कि हरिहर पांडे का निधन 10 दिसंबर 2023 को हो गया था। हरिहर पांडेय का निधन 77 वर्ष की उम्र में हो गया। वर्ष 1991 में काशी ज्ञानवापी मुक्ति आंदोलन शुरू करने वाले प्रमुख लोगों में से हरिहर पांडेय एक थे।
पड़ताल का नतीजा
हमारी पड़ताल में ये साफ है कि वायरल हो रही तस्वीर में हरिहर पांडे नहीं बल्कि राजा आनंद ज्योति सिंह है। दोनों का ही निधन हो चुका है।