29 अगस्त को नेटफ्लिक्स पर ‘आईसी 814: द कंधार हाईजैक' नाम से एक वेब सीरीज रिलीज हुई है। इस वेब सीरिज में प्रमुख भूमिका में विजय वर्मा नजर आ रहे हैं। पत्रलेखा, राजीव ठाकुर, अरविंद स्वामी, पंकज कपूर, अमृता पुरी, अनुपम त्रिपाठी, नसीरुद्दीन शाह भी इस सीरीज में नजर आ रहे हैं। इस सीरीज को अनुभव सिन्हा के निर्देशन में बनाया गया है। इसे कंधार हाईजैक की घटना पर बनाया गया है।
क्या है दावा
इस सीरीज के रिलीज होते ही ये चर्चा का विषय बन गई। सोशल मीडिया पर लोग वेब सीरीज में आतंकियों के हिंदू नाम होने का विरोध कर रहे हैं। दावा किया जा रहा है कि मुस्लिम पहचान छिपाने के लिए दो आतंकियों के नाम भोला और शंकर रखे गए हैं।
शंभू (@Shambhu_HJS) नाम के एक एक्स अकाउंट ने फिल्म के पोस्टर की तस्वीर शेयर करते हुए लिखा “नेटफ्लिक्स पर प्रतिबंध लगाने का समय आ गया है #Boycott_IC814_Webseries क्योंकि वे जानबूझकर वास्तविक आतंकवादी नामों के बजाय हिंदू नाम का उपयोग कर रहे हैं…
एक और एक्स यूजर इन्सेनप्रो (@OhoPro) ने लिखा “नेटफ्लिक्स पर प्रतिबंध लगाने का समय आ गया है #Boycott_IC814_Webseries क्योंकि वे जानबूझकर वास्तविक आतंकवादी नामों के बजाय हिंदू नाम का उपयोग कर रहे हैं…
पड़ताल
इस वायरल दावे से जुड़े तथ्य को जानने के लिए हमने भारत सरकार की विदेश मंत्रालय की वेबसाइट देखी। जहां हमें तत्कालीन
केंद्रीय गृह मंत्री का वक्तव्य मिला। 6 जनवरी 2000 के बयान में पूरे हाइजैक के बारे में विस्तृत जानकारी दी गई थी। इसी बयान में बताया गया कि पांचों हाईजैकर्स के नाम इब्राहिम अतहर, बहावलपुर, शाहिद अख्तर सईद, गुलशन इकबाल, कराची, सनी अहमद काजी, डिफेंस एरिया, कराची, मिस्त्री जहूर इब्राहिम, अख्तर कॉलोनी, कराची, शाकिर, सुक्कुर शहर था।
आगे बताया गया है कि यात्रियों के लिए ये अपहरणकर्ता क्रमशः (1) चीफ, (2) डॉक्टर, (3) बर्गर, (4) भोला और (5) शंकर के नाम से जाने जाते थे, ये वे नाम थे जिनसे अपहरणकर्ता हमेशा एक-दूसरे को संबोधित करते थे।
पड़ताल का नतीजा
हमारी पड़ताल में ये साफ है कि यात्रियों के लिए ये अपहरणकर्ता खुद को कोड नाम से बुलाते थे।