Fact Check: पीएम मोदी ने में 12 अप्रैल को बाड़मेर में एक जनसभा को संबोधित किया। सोशल मीडिया पर कुछ लोगों ने उनके भाषण को गलत तरीके से पेश किया।
क्या पीएम मोदी ने एक भाषण के दौरान यह कह दिया कि वो देश के संविधान को खत्म कर मनुस्मृति को लागू करेंगे? क्या प्रधानमंत्री ने यह भी कहा कि डॉ. भीमराव अंबेडकर भी खुद उस संविधान को खत्म नहीं कर सकते? यह सवाल 12 अप्रैल को राजस्थान के बाड़मेर में हुई पीएम मोदी की एक जनसभा के बाद सोशल मीडिया में तैर रहे हैं। इसकी वजह यह है कि इस रैली के बाद कुछ लोगों ने सोशल मीडिया पर दावा कर दिया कि भाजपा की सरकार आते ही प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी देश में मनुस्मृति के संविधान को लागू कर देंगे।
क्या है दावा
सोशल मीडिया पर पीएम मोदी के संबोधन का स्क्रीन शॉट लेकर सुहेब अकरम नाम के व्यक्ति ने यह दावा किया है। उन्होंने लिखा है कि पीएम मोदी ने भारत का संविधान बदलकर मनुस्मृति लागू करने की बात कही है।
पड़ताल
इसकी पड़ताल के लिए हमने गूगल पर की-वर्ड (PM Modi Barmer Rally) को सर्च किया। इसके बाद कुछ रिजल्ट सामने आए। इनसे पता चला कि 12 अप्रैल को राजस्थान के बाड़मेर में प्रधानमंत्री ने रैली की थी। हमने इसके बाद प्रधामंत्री नरेंद्र मोदी के यू-ट्यूब चैनल को सर्च किया तो हमें बाड़मेर रैली के दौरान उनके संबोधन का वीडियो मिला। इस दौरान उन्होंने कांग्रेस पर आरोप लगाया कि विपक्ष के लोग बार बार कहते हैं कि भाजपा सत्ता में आई तो देश का संविधान बदल देगी। उन्होंने आगे कहा है कि अगर बाबा साहब आंबेडकर भी आए तो देश का संविधान नहीं बदल सकते। आप इस वीडियो में 19.25 से 19.47 की ड्यूरेशन के बीच उस बात को साफ तौर पर सुन सकते हैं।
जब हमने पड़ताल को आगे बढ़ाया तो पीएम मोदी की बाड़मेर रैली से जुड़ी खबर हमें अमर उजाला पर मिली। इस रिपोर्ट के अनुसार पीएम मोदी ने कहा था कि बाबा साहब अंबेडकर खुद आ जाएं तो भी संविधान खत्म नहीं कर सकते। यह संविधान हमारे लिए गीता, कुरान, बाइबल सब कुछ है। उन्होंने कहा था कि ये इंडी अलायंस वाले कितनी नफरत से भरे हुए हैं, यह इनके घोषणा पत्र में नजर आता है।
पड़ताल का नतीजा
हमारी पड़ताल कहती है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने संविधान को खत्म करने की बात बिल्कुल भी नहीं की है। खासतौर पर मनुस्मृति का जिक्र भी इस संबोधन में कहीं भी नहीं किया गया।