सोशल मीडिया पर इन दिनों एक वीडियो वायरल हो रहा है। वीडियो में एक इलेक्ट्रिक कार में तेज धमाका होता नजर आ रहा है। वीडियो को शेयर कर दावा किया जा रहा है कि वायरल वीडियो इंदौर का है।
अमर उजाला ने अपनी पड़ताल में वायरल दावे को गलत पाया है। हमने पाया कि वायरल वीडियो चीन का है, जिसे भारत का बताकर शेयर किया जा रहा है।
क्या है दावा
सोशल मीडिया पर एक वीडियो शेयर कर दावा किया जा रहा है कि इंदौर में एक इलेक्ट्रिक कार में तेज धमाका होते नजर आ रहा है।
माई सिटीदेवास नाम के यूजर ने थ्रेड पर लिखा, “इंदौर में घर के बाहर खड़ी इलेक्ट्रिक कार में धमाका, इलाके में मचा हड़कंप इंदौर शहर के एक रिहायशी इलाके में उस वक्त अफरा-तफरी मच गई, जब घर के बाहर खड़ी एक इलेक्ट्रिक कार में अचानक तेज धमाका हो गया। धमाके की आवाज इतनी जोरदार थी कि आसपास के लोग सहम गए और घरों से बाहर निकल आए। घटना सुबह के समय की बताई जा रही है, जब कार चार्जिंग पर नहीं थी, फिर भी उसमें अचानक विस्फोट हो गया।” पोस्ट का लिंक आप यहां और आर्काइव लिंक यहां देख सकते हैं।
इसी तरह के अन्य दावों के लिंक आप यहां और यहां देख सकते हैं। इनके आर्काइव लिंक आप यहां और यहां देख सकते हैं।
पड़ताल
इस दावे की पड़ताल करने के लिए हमने सबसे पहले वीडियो के कीफ्रेम को गूगल रिवर्स इमेज पर सर्च किया। इस दौरान हमें Animated Gamespot यूट्यूब चैनल पर वायरल वीडियो देखने को मिला। यह वीडियो 18 नवंबर 2025 को साझा किया गया है। यहां चानी भाषा में कुछ लिखा है।

इसके बाद हमें intelligencego नाम के इंस्टाग्राम पेज पर वायरल वीडियो देखने को मिला। यह वीडियो 18 नवंबर 2018 को साझा किया गया है। इसके साथ ही लिखा है कि एक इलेक्ट्रिक वाहन में अचानक आग लग गई और विस्फोट हो गया। यह घटना चीन के फीफान ER6 मॉडल में हुई। बता दें कि ER6 एक चीनी इलेक्ट्रिक सेडान कार है।

आगे की पड़ताल के लिए हमने कीवर्ड से सर्च किया। इस दौरान हमें एक चीनी मीडिया की रिपोर्ट मिली। यह रिपोर्ट 23 नवंबर 2025 को प्रकाशित की गई है। रिपोर्ट में बताया गया है कि बैटरी से चलने वाले वाहनों की सुरक्षा को लेकर चिंताएं एक बार फिर सामने आ गई हैं। पार्किंग लाइन के अंदर खड़ी एक फीफान ER6 इलेक्ट्रिक गाड़ी से अचानक धुआं निकला और कुछ ही देर बाद उसमें विस्फोट हो गया और आग लग गई। हालांकि कोई घायल नहीं हुआ, लेकिन यह घटना बेहद खतरनाक थी और इसने ऑनलाइन काफी ध्यान आकर्षित किया है।

पड़ताल का नतीजा
हमने अपनी पड़ताल में वायरल दावे वीडियो को चीन का पाया है। इस वीडियो का भारत से कोई संबंध नहीं है।