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Fact Check: भीड़ के तोड़फोड़ करने के हापुड़ के वीडियो को मेरठ का बताकर किया जा रहा शेयर

Tue, 12 May 2026 07:30 PM IST
Sandhya Kumari न्यूज डेस्क, अमर उजाला

सार

Fact Check: सोशल मीडिया पर तोड़फोड़ का वीडियो शेयर किया जा रहा है, दावा किया जा रहा है कि मेरठ में  छह मस्जिदों को तोड़ा गया और 52 घरों में आग लगा दी गई। हमारी पड़ताल में यह दावा गलत निकला है।  

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फैक्ट चेक - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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सोशल मीडिया पर एक वीडियो शेयर किया जा रहा है। इस वीडियो में कुछ लोग एक छत पर चढ़कर तोड़फोड करते हुए नजर आ रहे हैं। वीडियो को शेयर करके दावा किया जा रहा है कि मेरठ शहर में छह मस्जिदों को निशाना बनाकर गिरा दिया गया है। इसके साथ ही 52 घरों में आग लगा दी गई। 

अमर उजाला ने अपनी पड़ताल में इस दावे को गलत पाया है। हमारी पड़ताल में सामने आय है कि इस दावे में सच्चाई नहीं है। जांच में पता चला कि यह वीडियो मेरठ का नहीं बल्कि हापुड़ का है। जहां महराणा प्रताप जयंती के दिन दो गुटों में हिंसक झड़प हो गई थी। 

क्या है दावा 

इस वीडियो को शेयर करके दावा किया जा रहा है कि मेरठ में एक मस्जिद में तोड़फोड़ की गई। इसके साथ ही  52 घरों में आग लगा दी गई। 

अनुषी तिवारी Proud INDIAN (@ProudIndianNa) नाम के एक एक्स यूजर ने इस वीडियो को शेयर करके लिखा, “मेरठ शहर में मुसलमानों की 6 मस्जिदें गिरा दी गईं, और #UttarPradesh के CM @myogiadityanath पर कथित तौर पर ईशनिंदा करने का आरोप लगा, जिसके बाद स्थिति तनावपूर्ण हो गई। मुसलमानों के 52 घरों में आग लगा दी गई, और खबरों के मुताबिक #Muslims को जिंदा जला दिया गया।” पोस्ट का लिंक और आर्काइव लिंक आप यहां और यहां देख सकते हैं। 

 

इस तरह के कई और दावों के लिंक आप यहां और यहां देख सकते हैं। इसके आर्काइव लिंक आप यहां और यहां देख सकते हैं। 

पड़ताल 

इस दावे की पड़ताल करने के लिए हमने वीडियो के कीफ्रेम्स को गूगल रिवर्स इमेज पर सर्च किया। यहां हमें यह वीडियो एक फेसबुक चैनल पर देखने को मिला। यहां इस वीडियो को 10 मई को प्रकाशित किया गया था। वीडियो के साथ कैप्शन दिया गया था “उत्तर प्रदेश के हापुड़ में महाराणा प्रताप जयंती की शोभायात्रा पर जिहादियों ने पत्थर फेंके, जिससे कई लोग घायल हो गए। इस बार हिंदू मूक दर्शक नहीं बने रहे, ईंट का जवाब पत्थर से दिया।’’

 

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इस वीडियो की सच्चाई पता करने के लिए हमने अमर उजाला ने न्यूज डेस्क से संपर्क किया। यहां से हमें पता चला कि यह घटना हापुड़ में हुई थी, न की मेरठ में। 10 मई को प्रकाशित अमर उजाला की रिपोर्ट से पता चला कि यह घटना हापुड़ के साठा चौरासी क्षेत्र में हुई। यहां महाराणा प्रताप जयंती की शोभायात्रा के समापन के बाद गांव देहरा में पुलिस की मौजूदगी में हालात बिगड़ गए। ड्रोन और फोर्स तैनात होने के बावजूद करीब 20 मिनट तक जमकर पथराव हुआ। उपद्रवी घरों की छतों पर चढ़ गए और दुकानों में घुसकर तोड़फोड़ की। ग्रामीणों ने महिलाओं से अभद्रता और मारपीट का भी आरोप लगाया है।

 

आगे हमें इस घटना पर हापुड़ पुलिस का बयान भी मिला। पुलिस ने इस घटना के बाद कुछ लोगों को गिरफ्तार भी कर लिया था। हमें किसी भी रिपोर्ट में मस्जिद में तोड़फोड़ और घरों को जलाने के बारे में सूचना नहीं मिली। 

 

पड़ताल का नतीजा

हमारी पड़ताल में यह साफ है कि घटना का वीडियो मेरठ का नहीं बल्कि हापुड़ का है। वीडियो शेयर करके भ्रामक दावा किया जा रहा है। 

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