सोशल मीडिया पर इन दिनों एक वीडियो वायरल हो रहा है। वीडियो में एक शख्स भगवान राम की मूर्ति को तोड़ते नजर आ रहा है। वीडियो को शेयर कर दावा किया जा रहा है कि यह वीडियो हाल का है, जहां अयोध्या में भगवान राम की मूर्ति तोड़ा गया है।
अमर उजाला ने अपनी पड़ताल में वायरल दावे को गलत पाया है। हमने पाया कि वायरल वीडियो दो साल पुराना है, जिसे हालिया बताकर शेयर किया जा रहा है।
क्या है दावा
मिशन हिंदू राष्ट्र नाम के फेसबुक यूजर ने लिखा,” जरा देखिए, हिंदू किस तरह हि*ड़े बन गए हैं। अयोध्या में, जहां रामभद्राचार्य जी राम कथा सुना रहे थे और जहां 10,000 से अधिक हिंदू एकत्रित हुए थे, मोहम्मद मुख्तार मंडल कथास्थल पर स्थित श्री राम जी की प्रतिमा पर चढ़ गया और उसका सिर तोड़ने की कोशिश की। हिंदू पत्थर उठाकर इस सू*र का सिर फोड़ सकते थे, लेकिन वे वीडियो बनाने में व्यस्त थे। हिंदू मजाक बन गए हैं। कितना दुखद और निराशाजनक!” पोस्ट का लिंक आप यहां और आर्काइव लिंक यहां देख सकते हैं।
इसी तरह के अन्य दावों के लिंक आप यहां और यहां देख सकते हैं। इनके आर्काइव लिंक आप यहां और यहां देख सकते हैं।
पड़ताल
इस दावे की पड़ताल करने के लिए हमने सबसे पहले वीडियो के कीफ्रेम को गूगल रिवर्स इमेज पर सर्च किया। इस दौरान हमें भुक्खड़ सुल्तानपुरिया नाम के यूट्यूब चैनल पर वायरल वीडियो मिला। यहां हमें 8 मिनट 10 सकेंड से वायरल क्लिप देखने को मिली। यह वीडियो 25 जनवरी 2024 को साझा किया गया है। इसके साथ ही यहां लिखा है कि पापी ने राम जी प्रतिमा तोड़ने का प्रयास किया। श्री राम भद्राचार्य जी महाराज की राम कथा जो कि अयोध्या में चल रही है। इस दौरान एक पापी ने राम जी की प्रतिमा तोड़ने का प्रयास किया।

आगे की पड़ताल में हमें अयोध्या पुलिस का एक ट्विट मिला। उन्होंने वायरल दावे के नीचे कमेंट में लिखा है,”उक्त घटना जनवरी 2024 की है जिसमें तत्समय थाना को0 अयोध्या पुलिस द्वारा वीडियो में दिख रहें अभियुक्त के विरूद्ध अभियोग पंजीकृत कर अभिुक्त को जेल भेजा गया था।”

पड़ताल का नतीजा
हमने अपनी पड़ताल में वायरल वीडियो को दो साल पुराना पाया है।