सोशल मीडिया पर एपस्टीन फाइल्स से संबंधित कई वीडियो वायरल हो रहे हैं। इसी बीच एक वीडियो शेयर किया जा रहा है। वीडियो में लोग सड़क पर मोबाइल की रोशनी दिखाई दे रही है। वीडियो को शेयर कर दावा किया जा रहा है कि अमेरिका में लोग एपस्टीन फाइल्स के खिलाफ प्रदर्शन कर रहे हैं।
अमर उजाला ने अपनी पड़ताल में वायरल दावे को गलत पाया है। हमने पाया कि वायरल वीडियो ईरान में हुए प्रदर्शन के दौरान एआई से बनाया गया था।
क्या है दावा
सोशल मीडिया पर एक वीडियो शेयर कर दावा किया जा रहा है कि एपस्टीन फाइल्स खुलासे के बाद से अमेरिकी लोगों ने मोबाइल की रोशनी जलाकर प्रदर्शन किया।
हंसराज मीना नाम के एक्स यूजर ने लिखा,” एपस्टीन फाइल्स पर अमेरिका की सड़कों पर उबाल है। लोग जवाब मांग रहे हैं, पारदर्शिता मांग रहे हैं। और हमारे यहां अक्सर बड़े मुद्दों पर भी सन्नाटा छा जाता है। लोकतंत्र सिर्फ वोट से नहीं, जागरूक जनता से मजबूत होता है।" पोस्ट का लिंक आप यहां और आर्काइव लिंक यहां देख सकते हैं।
इसी तरह के अन्य दावों के लिंक आप यहां और यहां देख सकते हैं। इनके आर्काइव लिंक आप यहां और यहां देख सकते हैं।
पड़ताल
इस दावे की पड़ताल करने के लिए हमने सबसे पहले वीडियो के कीफ्रेम को गूगल रिवर्स इमेज पर सर्च किया। इस दौरान हमें बरलामन टुडे नाम के यूट्यूब चैनल पर वायरल वीडयो देखने को मिला। यह वीडियो 12 जनवरी 2026 को साझा किया गया है। इसके साथ ही यहां बताया गया है कि ईरान में बिजली कटौती के बाद प्रदर्शनकारियों ने फोन की लाइटों से सड़कों को रोशन किया।

इसके बाद हमें elnaz555 नाम के इंस्टाग्राम अकाउंट पर वायरल वीडियो देखने को मिला। यह वीडियो 10 जनवरी 2026 को साझा किया गया है । यहां इस वीडियो को एआई से बना हुआ बता गया है। यूजर ने लिखा है “ ईरान में चल रहे मौजूदा विरोध प्रदर्शनों को एक डिजिटल श्रद्धांजलि। हाल ही में एक वीडियो सामने आया है जिसमें तेहरान की अंधेरी सड़कों पर भारी भीड़ दिखाई दे रही है। सरकार द्वारा सड़कों की बत्तियां बंद कर देने के बाद भीड़ ने अपने मोबाइल फोन की लाइटें जला दीं ताकि उनकी संख्या छिप जाए। इस दृश्य ने मुझे एआई का उपयोग करके बनाने की प्रेरणा दी। यह वास्तविकता की जगह नहीं ले सकता, यह उसकी झलक है, ज़्यादा लोगों को यह देखने में मदद करने का एक तरीका है कि क्या हो रहा है, खासकर तब जब पूरा देश डिजिटल ब्लैकआउट में है।“

यहां से पता चलता है कि वायरल वीडियो एआई के माध्यम से बना गया है। इसके बाद हमने वीडियो के पड़ताल के लिए साइट इंजन टूल का इस्तेमाल किया। यह एआई डिटेक्टर टूल है। इस टूल ने वायरल वीडियो को 89 फीसदी एआई से बने होने की जानकारी दी।

पड़ताल का नतीजा
हमने अपनी पड़ताल में वायरल वीडियो को एआई से बना पाया है।