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Fact Check: अंबेडकरनगर के आमिर के वीडियो को सूर्या चौहान हत्याकांड से जोड़कर किया जा रहा शेयर

Wed, 03 Jun 2026 04:53 PM IST
Asmita Tripathi फैक्ट चेक डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

Fact Check: सोशल मीडिया पर एक वीडियो शेयर कर दावा किया जा रहा है कि सूर्या चौहान हत्याकांड के मुख्य आरोपी असद के जनाजे में कोई शामिल नहीं हुआ। हमने अपनी पड़ताल में वायरल वीडियो को गलत पाया है। 

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फैक्ट चेक - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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सोशल मीडिया पर एक वीडियो वायरल हो रहा है। वीडियो में रात के अंधेरे में एक शव को दफनाया जा रहा है। वीडियो को शेयर कर दावा किया जा रहा है कि यह वीडियो सूर्या चौहान हत्याकांड के मुख्य आरोपी असद के जनाजे का है। जहां उसके जनाजे में चार लोगों ने कंधा तक नहीं दिया है। 

अमर उजाला ने अपनी पड़ताल में वायरल दावे को गलत पाया है। हमने पाया कि वायरल वीडियो उत्तर प्रदेश के अंबेडकरनगर का है। इस वीडियो का सूर्या चौहान हत्याकांड से कोई संबंध नहीं है। 

क्या है दावा 

सोशल मीडिया पर एक वीडियो शेयर कर दावा किया जा रहा है कि सूर्या चौहान हत्याकांड के मुख्य आरोपी असद के जनाजे में चार लोगों ने कंधा तक नहीं दिया है। 

राज धवन नाम के फेसबुक यूजर ने लिखा,’असद को चार कंधे भी नहीं मिले जनाजा उठाने को’!! पोस्ट का लिंक आप यहां और आर्काइव लिंक यहां देख सकते हैं।

इसके साथ ही वीडियो पर लिखा है परिवार वालों ने किया अंतिम संस्कार करने को मना

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इसी तरह के अन्य दावों के लिंक आप यहां और यहां देख सकते हैं। इनके आर्काइव लिंक आप यहां और यहां देख सकते हैं।

पड़ताल 

इस दावे की पड़ताल करने के लिए हमने सबसे पहले तस्वीर को गूगल रिवर्स इमेज पर सर्च किया। इस दौरान हमें लोहिया दर्पण फेसबुक अकाउंट पर वायरल वीडियो देखने को मिला। यह वीडियो 6 मई 2026 को साझा किया गया है। यहां बताया गया है कि अंबेडकरनगर में दिल दहला देने वाले हत्याकांड के आरोपी आमिर के एनकाउंटर के बाद मामला और भी संवेदनशील हो गया। पुलिस मुठभेड़ में मारे जाने के बाद जब आमिर का पोस्टमार्टम किया गया और शव को उसके घर भेजा गया, तो परिवार ने उसे स्वीकार करने से साफ इनकार कर दिया। परिवार का कहना था कि आमिर ने जो जघन्य अपराध किया, उससे पूरे परिवार की सामाजिक प्रतिष्ठा और मानवीय संवेदनाएं आहत हुई हैं। बताया जा रहा है कि आरोपी आमिर ने चार मासूम बच्चों और उनकी मां की बेरहमी से हत्या कर दी थी, जिससे पूरे इलाके में आक्रोश फैल गया था। इस घटना के बाद पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए आमिर को मुठभेड़ में ढेर कर दिया। शव घर पहुंचने पर परिजनों ने न केवल उसे अपनाने से मना किया, बल्कि अंतिम संस्कार (दफन) करने से भी इनकार कर दिया। ऐसे मामलों में आमतौर पर प्रशासन को ही आगे आकर अंतिम संस्कार की जिम्मेदारी उठानी पड़ती है।



आगे की पड़ताल के लिए हमने अमर उजाला के न्यूज डेस्क से संपर्क किया। इस दौरान हमें एक रिपोर्ट मिली। यह रिपोर्ट 6 मई 2026 को प्रकाशित की गई है। रिपोर्ट में बताया गया है कि चार मासूम बच्चों और उनकी मां की निर्मम हत्या के आरोपी आमिर का अंत भी उतना ही भयावह हुआ, जितना उसका अपराध। एनकाउंटर में मारे जाने के बाद उसे सहानुभूति नहीं मिली। जिंदगी भर जिन रिश्तों के बीच रहा, मौत के बाद वही रिश्ते उससे मुंह मोड़ गए। पुलिस की मौजूदगी में जौहरडीह शिवाला घाट पर उसे बिना किसी रस्म के दफनाया गया। मीरानपुर के कसाईबाड़ा निवासी आमिर के शव को पोस्टमार्टम के बाद लेने से उसके अपने परिजनों ने इन्कार कर दिया। 

पड़ताल का नतीजा 

हमने अपनी पड़ताल में वायरल वीडियो को अंबेडकरनगर का पाया है। इस वीडियो को शेयर कर लोगों में भ्रम फैलाने की कोशिश की जा रही है। 

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