फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Fact Check: एआई से बना है बंदर के कारण युवक की जान बचने का वीडियो, पड़ताल में पढ़ें सच

Fri, 27 Feb 2026 07:19 PM IST
Sandhya Kumari फैक्ट चेक डेस्क, अमर उजाला

सार

Fact Check: सोशल मीडिया पर एक वीडियो शेयर किया जा रहा है। इस वीडियो मे एक बंदर के कारण युवक की जान बचते हुए नजर आ रही है। वीडियो को असली बताकर शेयर किया जा रहा है। हमारी पड़ताल में यह वीडियो एआई से बना निकला। 

विज्ञापन
फैक्ट चेक - फोटो : अमर उजाला
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

सोशल मीडियो पर एक वीडियो शेयर किया जा रहा है। इस वीडियो मे एक आदमी फुटपाथ पर बने चबूतरे पर बैठा है। अचानक युवक के पीछे एक बंदर आता है। बंदर के अचानक आने के कारण युवक डर जाता है और वहां से उठ जाता है। युवक के उठते ही एक कार आकर उस चबूतरे से टकरा जाती है, जिस पर कुछ देर पहले युवक बैठा हुआ था। वीडियो को असली घटना बताकर शेयर किया जा रहा है। 

अमर उजाला ने अपनी पड़ताल में इस दावे को गलत पाया है। हमारी पड़ताल में सामने आया कि इस दावे में किसी तरह की कोई सच्चाई नहीं है, बल्कि यह वीडियो एआई के माध्यम से बनाया गया है। वीडियो को एआई डीटेक्टर टूल से सर्च करने पर हमें इसके एआई से बने होने की उच्च संभावना के बारे में पता चला। 

क्या है दावा

इस वीडियो को शेयर करके दावा किया जा रहा है कि बजरंग बलि के कारण युवक की जान बच गई है। 

बालियान (@Baliyan_x)  नाम के एक एक्स यूजर ने इस वीडियो को शेयर करके लिखा, “सब सुख लहे तुम्हारी सरना, तुम रक्षक काहूँ को डरना। जय जय बजरंग बलि” पोस्ट का लिंक और आर्काइव लिंक आप यहां और यहां देख सकते हैं। 

विज्ञापन

 

इस तरह के कई और दावों के लिंक आप यहां और यहां देख सकते हैं। इसके आर्काइव लिंक आप यहां और यहां देख सकते हैं। 

पड़ताल 

इस दावे की पड़ताल करने के लिए हमने वीडियो के कीफ्रेम्स को गूगल रिवर्स इमेज पर सर्च किया। यहां हमें इससे जुड़ी कोई भी विश्वसनीय रिपोर्ट नहीं मिली। आगे वीडियो को ध्यान से देखने पर हमें इसमें कई विसंगतियां देखने को मिलीं। जैसे सबसे पहले फ्रेम में एक सफेद रंग की गाड़ी काफी तेजी से पीछे की तरफ जाती हुई नजर आ रही है। गाड़ी के चबूतरे से टक्कर होने के बाद अचानक सड़क पर भीड़ लग जाती है। 

 

 

फिर हमने वीडियो को एआई डिटेक्टर टूल से सर्च किया। हाइव एआई डिटेक्शन टूल से सर्च करने पर हमें वीडियो के 67 प्रतिशत एआई से बने होने की जानकारी मिली। 
 

आगे हमने डीपफेक डिटेक्शन नाम के एक और एआई डिटेक्टर टूल से इस वीडियो को सर्च करने की कोशिश की। यहां हमें वीडियो के क्वालिटी बहुत ज्यादा कम होने के कारण एआई से बने होने की संभावना को प्रतिशत बहुत कम आया। लेकिन इसमें वीडियो की संभावना एआई से बनी हुई ही बताई गई थी। टूल ने विस्तृत जानकारी देते हुए बताया “वीडियो की क्वालिटी खराब है, जिससे पक्का एनालिसिस करना मुश्किल हो जाता है। कम रिज़ॉल्यूशन और कम्प्रेशन आर्टिफैक्ट्स ऐसे एलिमेंट्स लाते हैं जिन्हें गलती से AI मैनिपुलेशन समझा जा सकता है। हालांकि, बंदर का अचानक दिखना और गायब होना, साथ ही अजीब हरकतें, संभावित डिजिटल मैनिपुलेशन का इशारा देती हैं। खराब वीडियो क्वालिटी की वजह से, संदिग्ध एलिमेंट्स के बावजूद, फॉर्जरी स्कोर काफी कम हो जाता है।”

 

 

पड़ताल का नतीजा 

हमारी पड़ताल में यह साफ है कि वीडियो को असली नहीं है बल्कि एआई के माध्यम से बनाया गया है।

विज्ञापन

 

विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें