प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी दो दिन के इस्राइल दौरे पर थे। इस दौरान उन्होने इस्राइली संसद नेसेट को संबोधित किया। इस्राइली संसद की ओर से पीएम मोदी को 'स्पीकर ऑफ द नेसेट' का सर्वोच्च सम्मान भी मिला। इसी बीच सोशल मीडिया पर एक वीडियो वायरल हो रहा है। वीडियो में कुछ लोग बाहर जाते नजर आ रहे हैं। वीडियो को शेयर कर दावा किया जा रहा है कि पीएम मोदी के संंबोधन के दौरान इस्राइल की विपक्षी पार्टी ने उनका बहिष्कार किया।
अमर उजाला ने अपनी पड़ताल में वायरल दावे को गलत पाया है। हमने पाया कि वायरल वीडियो में इस्राइली विपक्षी पार्टी के सदस्य वहां के पीएम बेंजामिन नेतन्याहू के भाषण के दौरान संसद से चले गए थे। वहीं, पीएम मोदी का संबोधन शुरू होते ही विपक्षी सदस्य वापस आ गए।
क्या है दावा
सोशल मीडिया पर एक वीडियो शेयर कर दावा किया जा रहा है कि प्रधानमंत्री मोदी के संबोधन के दौरान इस्राइल की विपक्षी पार्टी ने उनका बहिष्कार किया।
एडवोकेट विजय सिंह (@VijaySingh_law) नाम के एक्स यूजर ने लिखा,” टेलीप्रॉम्प्टर तैयार। कैमरे ऑन। जैसे ही मोदी इज़राइल की संसद में बोलने उठे, विपक्षी सांसद बाहर चले गए। अगर यह सच है, तो यह कूटनीति नहीं, सीधा अपमान है। एक भारतीय प्रधानमंत्री, विदेश की संसद में बहिष्कार का कारण बन जाए… यह वैश्विक छवि है या वैश्विक शर्मिंदगी?" पोस्ट का लिंक आप यहां और आर्काइव लिंक यहां देख सकते हैं।
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पड़ताल
इस दावे की पड़ताल करने के लिए हमने सबसे पहले वीडियो के कीफ्रेम को गूगल रिवर्स इमेज पर सर्च किया। इस दौरान हमें इस्राइल पीएम के यूट्यूब चैनल पर पूरा वीडियो देखने को मिला। यह वीडियो 25 फरवरी 2026 को साझा किया गया है। यहां 26 मिनट पर प्रधानमंत्री मोदी इस्राइली संसद के स्पीकर अमीर ओहाना के साथ पहुंचते हैं। इस दौरान सभी लोग उनका स्वागत करते हैं।

इसके बाद अमीर ओहाना के भाषण से ठीक पहले कई विपक्षी सांसद बाहर चले जाते हैं। इसके बाद पीएम नेतन्याहू का भाषण शुरू होता है। उस दौरान भी सभी विपक्षी नेता संसद के अंदर मौजूदा नहीं रहते हैं।

इसके बाद 1 घंटे 5 मिनट पर नेता विपक्ष येर लापिड का भाषण शुरू होता है। उन्होंने बोला कि आज जो कुछ हुआ वह आपसे संबंधित नहीं है। पूरा इस्राइल आपके नेतृत्व, आपकी मित्रता और कठिन समय में हमारे साथ खड़े रहने के लिए आपकी प्रशंसा करता है। इसके बाद 1 घंटे 7 मिनट से पीएम मोदी का भाषण शुरू हुआ। इस दौरान सभी विपक्ष के नेता संसद में मौजूद रहते हैं। वीडियो में देखा जा सकता है कि पीएम मोदी के भाषण के दौरान सभी विपक्षी नेताओं को सदन में मौजूद हैं।
आगे की पड़ताल में हमें द यरुशलम पोस्ट की रिपोर्ट मिली। यह रिपोर्ट 25 फरवरी 2026 को प्रकाशित की गई है। रिपोर्ट में बताया गया है कि बुधवार को भारतीय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की मेजबानी के लिए आयोजित सत्र में विपक्षी दलों ने अधिकांश भाग का बहिष्कार किया। क्योंकि सर्वोच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश इसहाक अमित को आमंत्रित नहीं किया गया था। येस अतीद और यिसराएल बेतेनु ने सत्र से ठीक पहले घोषणा की कि वे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का भाषण तो सुनेंगे, लेकिन प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू और संसद अध्यक्ष अमीर ओहाना के भाषणों का बहिष्कार करेंगे। विपक्षी नेता सांसद यायर लैपिड ने बताया कि मैं बस आपको यह बताना चाहता हूं कि यहां जो कुछ भी हुआ है, उससे आपका कोई लेना-देना नहीं है।

पड़ताल का नतीजा
हमने अपनी पड़ताल में वायरल वीडियो को भ्रामक पाया है। इस्राइली सांसदों पीएम मोदी के संबोधन का बहिष्कार नहीं किया है।