सोशल मीडिया पर इन दिनों एक पोस्ट वायरल हो रही है। पोस्ट को शेयर कर दावा किया जा रहा कि भारत ने पहलगाम हमले में शामिल आतंकवादियों के जगह कश्मीर के युवाओं को मार गिराया है। इसके बाद मारे गए युवाओं को पहलगाम हमले में शामिल आतंकी बता रहा है।
अमर उजाला ने अपनी पड़ताल में वायरल दावे को गलत पाया है। हमने पाया है कि बीते 28 जुलाई को भारतीय सेना ने पहलगाम हमले के मास्टरमाइंड हाशिम मूसा उर्फ सुलेमान शाह और उसके दो साथियों- जिबरान और हमजा अफगानी को मार गिराया है।
क्या है दावा
सोशल मीडिया पर पोस्ट शेयर कर दावा किया जा रहा है कि भारत ने पहलगाम हमले में शामिल आतंकियों की जगह कश्मीर के युवाओं को मार गिराया है।
शैडो ऑब्सबर (@TheShadowObs) नाम के एक्स यूजर ने लिखा, “कश्मीर में एक और फर्जी झंडा फहराया गया। आज, कश्मीर में कश्मीरी युवकों को जेल से निकाला गया, उन्हें नशीला पदार्थ दिया और जंगल में फेंक दिया, और फिर उन्हें करीब से मौत के घाट उतार दिया। इसके बाद उन्हें मुठभेड़ में मारे गए आतंकवादी करार दिया। निशानियां साफ हैं जेल में ताज़ा बाल, बाहर घूमने का कोई निशान नहीं। साफ नाखून, तथाकथित 'कैंपिंग' की कोई गंदगी नहीं। फोटो खिंचवाने के लिए करीने से सजाए गए हथियार। कथित 'आतंकी शिविर' से दूर, बिना इस्तेमाल किए पड़े साफ़ बर्तन। दिखावे के लिए सूखी मिट्टी से सना हुआ तंबू, जो मौजूदा बारिश में असंभव था। कथित "भीषण गोलीबारी" के दौरान तंबू बरकरार रहा। यह कोई मुठभेड़ नहीं थी। यह एक राज्य प्रायोजित हत्या थी, जो सुर्खियों में आने के लिए, भारतीय जनता को मूर्ख बनाने के लिए रची गई थी। भारत, दुष्प्रचार के लिए निर्दोष युवाओं की हत्या करना बंद करो। दुनिया देख रही है।“ पोस्ट का लिंक आप
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इसी तरह के कई अन्य दावों के लिंक आप यहां और यहां देख सकते हैं। इनके आर्काइव लिंक आप यहां और यहां देख सकते हैं।
पड़ताल
हमने दावे की पड़ताल करने के लिए कीवर्ड की मदद से सर्च किया। इस दौरान हमें चिनार क्रॉप्स- इंडियन आर्मी के एक्स हैंडल पर एक पोस्ट मिली। यह पोस्ट 28 जुलाई 2025 को साझा की गई है। पोस्ट में बताया गया है कि ऑपरेशन महादेव के तहत तीन आंतकवादियों को मार गिराया है। ऑपरेशन अभी भी जारी है।

आगे की पड़ताल के लिए हमने अमर उजाला के न्यूज डेस्क से संपर्क किया। इस दौरान हमें एक रिपोर्ट मिली। यह रिपोर्ट 29 जुलाई 2025 को प्रकाशित की गई है। रिपोर्ट में बताया गया है कि केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने लोकसभा में बताया, "कल ऑपरेशन महादेव के तहत तीन आतंकवादी को मारा गया है। इनमें से सुलेमान लश्कर ए तैयबा का कमांडर था और पहलगाम हमले में लिप्त था। इसके सबूत हमारी एजेंसियों के पास हैं। बाकी दोनों आतंकी भी ए ग्रेड आतंकी थे। मैं पूरे देश को बताना चाहता हूं, जिन्होंने बायसरन घाटी में हमारे लोगों को मारा था, ये तीनों आतंकी वही थे और तीनों को मारा गया है। इसके साथ ही मारे गए आतंकियों के पास से पाकिस्तानी वोटर आईडी और चॉकलेट बरामद हुआ है।"

पड़ताल का नतीजा
हमने अपनी पड़ताल में पाया कि ऑपरेशन महादेव के तहत मारे गए तीन लोग पाकिस्तानी आतंकी थे। उन्हें कश्मीर के युवा बताकर भ्रम फैलाने की कोशिश की जा रही है।