सोशल मीडिया पर एक वीडियो शेयर किया जा रहा है, इस वीडियो में एक मेट्रो स्टेशन पर तेजी से बारिश का पानी घुसता हुआ नजर आ रहा है। इस वीडियो को शेयर करके दावा किया जा रहा है कि यह मेट्रो स्टेशन दिल्ली या मुंबई का है। कहा जा रहा है कि कहीं का भी मेट्रो स्टेशन हो उसका यही हाल है और सरकार के भ्रष्टाचार सामने आता है।
अमर उजाला ने अपनी पड़ताल में इस दावे को गलत पाया है। हमारी पड़ताल में यह सामने आया है कि यह वीडियो ब्राजील के साओ पाउलो-एर्टन सेना मेट्रो स्टेशन का है, जिसे 24 जनवरी, 2025 को रिकॉर्ड किया गया था, जहां भारी बारिश के कारण भूमिगत स्टेशन में जलभराव हो गया था।
इस वीडियो को शेयर करके दावा किया जा रहा है कि दिल्ली हो या मुंबई सभी मेट्रो स्टेशनों का यही हाल है। साथ ही सरकारों के भ्रष्टाचार होने की भी बात कही जा रही है।
तनवीर रंगरेज़ (@virjust18) नाम के एक एक्स यूजर ने वीडियो को शेयर करके लिखा, “दिल्ली हो या बंबई आज कल यही हाल है ,, सारे सरकार बनाए बैठे भ्रष्ट नेताओं को इसी पानी में डूबा कर मार देना चाहिए ,,, अगर देश बचाना है तो..” पोस्ट का लिंक और आर्काइव लिंक आप
यहां और
यहां देख सकते हैं।
इस तरह के कई और दावों के लिंक आप
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यहां देख सकते हैं। इसके आर्काइव लिंक आप
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पड़ताल
इस दावे की पड़ताल करने के लिए हमने वीडियो के कीफ्रेम्स को गूगल रिवर्स इमेज पर सर्च किया। यहां हमें यह वीडियो
डेली मेल के एक्स अकाउंट पर देखने को मिला। डेली मेल एक ब्रिटिश दैनिक टैब्लॉयड समाचार पत्र है यह लंदन से प्रकाशित होता है। एक पोस्ट में वायरल वीडियो मौजूद था। वीडियो को पोस्ट करके लिखा गया था “ब्राजील के साओ पाओलो में भीषण बाढ़ के कारण यात्री फंसे हुए हैं।” इस वीडियो को 27 जनवरी 2025 को पोस्ट किया गया था।
आगे कीवर्ड के माध्यम से सर्च करने पर हमें न्यूज ऑफ बहरीन में इससे जुड़ी एक रिपोर्ट मिली। न्यूज ऑफ बहरीन, बहरीन में एक अंग्रेजी भाषा का दैनिक समाचार पत्र है। इस रिपोर्ट में बताया गया था कि “भारी बारिश के कारण जार्डिम साओ पाउलो मेट्रो स्टेशन पर भारी बाढ़ आ गई, जिससे यात्री फंस गए और शहर की परिवहन प्रणाली में व्यापक व्यवधान उत्पन्न हो गया।’’ इस रिपोर्ट को 25 जनवरी 2025 को प्रकाशित किया गया था। सर्च करने पर पता चला कि यह मैट्रो स्टेशन ब्राजील में मौजूद है।
पड़ताल का नतीजा
हमारी पड़ताल से यह साफ है कि वीडियो में दिख रहा मेट्रो स्टेशन भारत का नहीं है। इसे भारत का बताकर झूठा दावा किया जा रहा है।