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Fact Check: झूठा है बच्चों को चुराकर उनके अंग भोपाल के अस्पताल में बेचने का दावा, पढ़ें पड़ताल

Thu, 26 Feb 2026 08:22 PM IST
Asmita Tripathi फैक्ट चेक डेस्क , अमर उजाला

सार

Fact Check: सोशल मीडिया पर एक वीडियो शेयर कर दावा किया जा रहा है कि एक शख्स बच्चों को चुराकर उनके अंग भोपाल के हमीदिया अस्पताल में बेचता है। हमने अपनी पड़ताल में वायरल दावे को गलत पाया है। 

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फैक्ट चेक - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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सोशल मीडिया पर इन दिनों एक वीडियो वायरल हो रहा है। वीडियो में एक शख्स को खंभे से बांधकर कुछ लोग पूछताछ कर रहे हैं। वीडियो को शेयर कर दावा किया जा रहा है कि वीडियो में नजर आ रहा शख्स बच्चों को चुराकर उनके अंग भोपाल के हमीदिया अस्पताल में बेचता है।

अमर उजाला ने अपनी पड़ताल में वायरल दावे को गलत पाया है। हमने पाया कि वायरल वीडियो सात साल पुराना है। यह वीडियो मध्य प्रदेश नहीं बल्कि उत्तर प्रदेश का है।

क्या है दावा 

सोशल मीडिया पर एक वीडियो शेयर कर दावा किया जा रहा है कि एक शख्स बच्चे चुराकर उनके अंग भोपाल के हमीदिया अस्पताल में बेचता है। 

अंशिका ठकुराइन नाम के फेसबुक यूजर ने  लिखा,”बच्चा चोर पकड़ा गया। इस वीडियो को देखें और शेयर करें और अपने बच्चों का ध्यान रखें। यह बच्चों की किडनी कलेजा गुर्दा निकाल कर भोपाल के एक अस्पताल में बेचा करता है। इसकी पूरी टीम जिला झांसी के अंदर फैली है। इसको जरा गौर से सुने और शेयर करें।“  पोस्ट का लिंक आप यहां और आर्काइव लिंक यहां देख सकते हैं। 

इसी तरह के अन्य दावों के लिंक आप यहां और यहां देख सकते हैं। इनके आर्काइव लिंक आप यहां और यहां देख सकते हैं।

पड़ताल 

इस दावे की पड़ताल करने के लिए हमने सबसे पहले वीडियो के कीफ्रेम को गूगल रिवर्स इमेज पर सर्च किया। इस दौरान हमें घनश्याम सिंह नाम के फेसबुक अकाउट पर वायरल वीडियो देखने को मिला। यह पोस्ट 3 सितंबर 2019 को साझा किया गया है। इसके साथ ही 'बच्चे पकड़ने वाले गैंग के कुछ क*ने' भी लिखा हुआ है।  

 

आगे की पड़ताल में हमें टाइम्स ऑफ इंडिया की रिपोर्ट मिली। यह रिपोर्ट 28 अगस्त 2019 को प्रकाशित किया गया है। यहां हमें वायरल वीडियो देखने को मिला। यहां बताया गया है कि एक संदिग्ध बच्चा चोर को स्थानीय लोगों द्वारा पकड़े जाने का कथित वीडियो विभिन्न सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर वायरल हो रहा है। वीडियो में एक किशोर, जिसे बच्चा चोर बताया जा रहा है, एक खंभे से बंधा हुआ है और कबूल कर रहा है कि वह और उसके साथी शहर की विभिन्न कॉलोनियों से बच्चों का अपहरण करते हैं। वह यह भी कहता है कि उसने एक बच्चे को नर्मदा नदी के पास होशंगाबाद में रखा था। कथित बालक अपहरणकर्ता ने कबूल किया है कि भोपाल के एक सरकारी अस्पताल में अपहृत बच्चों के अंगों को उनके शरीर से निकाला जाता है।

इसके बाद हमें भोपाल पुलिस की फेसबुक पोस्ट मिली। पोस्ट में वायरल वीडियो को झूठा बताया गया है। यहां बताया गया है कि बच्चा चोर संबंधी वायरल वीडियो अगस्त 2019 का है, जो थाना एट जिला जालौन उत्तर प्रदेश में एट टोल नाके के पास एक बालक सोनू श्रीवास को जो अपनी बहन के घर से वापस जाने के लिए ढाबे के सामने खड़ा होकर साधन का इंतजार कर रहा था, कि ढाबे के कुछ कर्मचारियों और लोकल 4 लड़कों ने शराब के नशे में इसे बच्चा चोर बोलकर पकड़ा और शराब के नशे में बहुत मारपीट की, मारपीट करने के बाद बालक को एक खंभे में बांध दिया। डराया कि बचना है और घर जाना है तो बच्चा चोर होना स्वीकार कर और एक बनी हुई कहानी बोलने के लिए बोला गया, बच्चे ने डर के मारे स्वयं को बच्चा चोर होना, भोपाल अयोध्या नगर का रहने वाला और बच्चे चुराकर उनके बॉडी पार्ट्स किडनी कलेजा इत्यादि भोपाल के हमीदिया अस्पताल में बेचने की झूठी कहानी बोलता गया। 

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पड़ताल का नतीजा 

हमने अपनी पड़ताल में वायरल वीडियो को सात साल पुराना पाया है। 

 

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