क्या है दावा?
2 अप्रैल को आप नेता की जमानत पर जेल से रिहाई हुई है। इसके बाद पुलिस अधिकारियों को डांटने वाला यह वीडियो वायरल हो गया। सुप्रीम कोर्ट ने दिल्ली शराब नीति मामले से जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग मामले में सिंह को जमानत दे दी है।
(आर्काइव यहाँ देखा जा सकता है)
(स्रोत: एक्स/स्क्रीनशॉट)
(इसी तरह के दावों के आर्काइव यहां और यहां देखे जा सकते हैं)
पड़ताल
द क्विंट ने अपने फैक्ट चेक में बताया है कि संजय सिंह का यह वीडियो 2021 का है। अभी इस वीडियो को भ्रामक संदर्भ के साथ साझा किया जा रहा है। सच्चाई का पता लगाने कि लिए द क्विंट ने वायरल वीडियो के कुछ की-फ्रेम पर रिवर्स इमेज सर्च किया तो 2021 का एक ऐसा ही वीडियो मिला। यह वीडियो
AAP उत्तर प्रदेश के आधिकारिक X (पूर्व में ट्विटर) अकाउंट से 21 अक्तूबर 2021 को साझा किया गया था। इस वीडियो में वाराणसी में तिरंगा यात्रा की इजाजत नहीं मिलने पर संजय सिंह पुलिस से बहस करते दिखाई देते हैं। पुलिस अधिकारी को इस यात्रा को 'अवैध' कहते हुए भी सुना जा सकता है।
कई सोशल मीडिया यूजर्स ने भी 2021 में यही वीडियो साझा किया था और इसे यहां , यहां और यहां देखा जा सकता है। द क्विंट ने दोनों वीडियो की तुलना की और समानताएं देखीं।
दोनों वीडियो में दूर से एक ही इमारत देखी जा सकती है। (स्रोत: द क्विंट)
द क्विंट को इस घटना के बारे में 21 अक्तूबर 2021 की AAP की एक्स पर पोस्ट भी मिली। जिसमें कहा गया था कि पार्टी को झंडे फहराने की अनुमति नहीं दी गई और बाद में संजय सिंह को हिरासत में ले लिया गया था। तब कई समाचार संगठनों ने तिरंगा रैली पर रिपोर्ट भी प्रकाशित थी। इसमें बताया गया था कि AAP नेताओं पर उत्तर प्रदेश पुलिस ने कोरोना नियमों का उल्लंघन करने के लिए केस दर्ज किया था।
पड़ताल का नतीजा
आप नेता संजय सिंह का एक पुराना वीडियो सोशल मीडिया पर हालिया बताकर वायरल हो रहा है। संजय सिंह का यह वीडियो 2021 का है जिसे अभी भ्रामक संदर्भ के साथ साझा किया जा रहा है।
(This story was originally published by The Quint, as part of the Shakti Collective. Except for the headline/excerpt/opening introduction para this story has not been edited by Amar Ujala staff)