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Fact Check: पश्चिम बंगाल में मतदान के लिए नकली उंगलियों के इस्तेमाल का दावा फर्जी, यहां जानें पूरा सच

Tue, 30 Apr 2024 08:45 PM IST
शिवेंद्र न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

Fact Check: लोकसभा चुनावों के बीच, सोशल मीडिया पर कृत्रिम उंगलियों की एक तस्वीर वायरल है। तस्वीर को शेयर कर दावा किया जा रहा है कि बंगाल में फर्जी वोटिंग करने के लिए नकली उंगलियां प्रयोग की जा रही हैं। बूम ने अपने फैक्ट चेक में बताया कि यह दावा झूठा है। 
 
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FACT CHECK - फोटो : AMAR UJALA
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विस्तार
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देश में इस वक्त लोकसभा के चुनाव चल रहे हैं। दो चरणों के लिए मतदान हो चुके हैं। जिन सीटों पर अभी मतदान होना है वहां तमाम दल चुनाव प्रचार में अपने ताकत झोंक रहे हैं। इस बीच, टेबल पर रखी कुछ कृत्रिम उंगलियों की एक तस्वीर सोशल मीडिया पर वायरल है। इस तस्वीर को इस दावे के साथ शेयर किया जा रहा है कि पश्चिम बंगाल में फर्जी वोटिंग करने के लिए नकली उंगलियां प्रयोग की जा रही हैं। 

बूम ने अपने फैक्ट चेक में बताया कि दावा झूठा है। वायरल तस्वीर 2013 की है, जब जापान में याकूजा (अपराधी गिरोह) के सदस्य अपनी कटी उंगलियों को छिपाने के लिए कृत्रिम उंगलियों का प्रयोग कर रहे थे।

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क्या है दावा?
दो तस्वीर वाले एक वायरल कोलाज में तेलुगू में लिखे टेक्स्ट का हिंदी अनुवाद है, 'फर्जी वोट डालने के लिए नकली उंगलियां बनाई जा रही हैं। आप नहीं बता सकते कि यह असली हैं या नकली। उंगुलियों पर स्याही लगाकर मतदान कर्मी मूर्ख बन सकते हैं। देखिये देश क्या कर रहा है।'

एक फेसबुक यूजर ने तस्वीर शेयर करते हुए लिखा, 'एक से ज्यादा नकली वोट डालने के लिए नकली उंगलियां भी बांटी जा रही हैं बंगाल में।'

(आर्काइव लिंक)

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पड़ताल
बूम ने दावे की पड़ताल के लिए वायरल तस्वीर को गूगल पर रिवर्स इमेज सर्च किया। बूम को 2018 की एक चीनी न्यूज रिपोर्ट मिली, जिसमें चीन में चुनाव के दौरान नकली उंगलियों के प्रयोग किए जाने पर चिंता जाहिर की गई थी। रिपोर्ट में वायरल तस्वीर से मिलती जुलती एक तस्वीर भी शामिल थी, जिसके लिए 'Akikofujita.com' को क्रेडिट दिया गया था। 

 

इससे संकेत लेते हुए एक विशेष कीवर्ड्स 'akiko fujita fake fingers' से सर्च करने पर सर्च करने पर बूम को एबीसी न्यूज पर 6 जून 2013 को पब्लिश एक न्यूज रिपोर्ट मिली। रिपोर्ट का शीर्षक था, 'Prosthetic Fingers Help Reform Japan's Feared Yakuza Gangsters' (हिंदी अनुवाद) 'जापान के डरे हुए याकूजा गैंगस्टरों को सुधारने में कृत्रिम उंगलियां मदद कर रही हैं'। 

रिपोर्ट में बताया गया है कि जापानी कृत्रिम उंगली निर्माता शिंटारो हयाशी को उन लोगों से ऑर्डर मिल रहे हैं जो याकुजा का हिस्सा रहे थे। 'याकुजा' शब्द जापान में संगठित अपराध समूहों के सदस्य को संदर्भित करता है। याकूजा में 'युबित्सुम' नामक एक प्रथा है, जिसमें कोई व्यक्ति अपनी गलती या अपराध के प्रायश्चित के रूप में अपने हाथ की उंगलियों के हिस्से को काट लेता है। 

हयाशी के ग्राहक मुख्य रूप से याकुजा के पूर्व सदस्य रहे थे। जो समाज में और काम की जगहों पर लोगों के बीच याकूजा से अपने पिछले संबंधों को छिपाने चाहते थे।  जबकि कटी उंगलियां गिरोह के साथ उनके संबंध को जाहिर कर देती थीं। 

हयाशी ने इन लोगों के लिए कृत्रिम उंगलियां बनाना शुरू किया। रिपोर्ट में हयाशी का एक वीडियो दिखाया गया है जिसमें टेबल पर कई कृत्रिम उंगलियां रखी दिखाई दे रही हैं। वीडियो में उनके एक ग्राहक को इन कृत्रिम उंगलियों को लगाते हुए भी दिखाया गया है। 

बूम को पत्रकार अकीको फुजिता की वेबसाइट पर भी 2019 में प्रकाशित यह रिपोर्ट मिली, जो मूलतः 16 दिसंबर 2013 को प्रकाशित की गई थी। रिपोर्ट में शामिल तस्वीर वायरल तस्वीर से पूरी तरह से मेल खाती है। 

 

गौरतलब है कि लोकसभा चुनाव 2024 के लिए सात चरणों में मतदान हो रहे हैं। पश्चिम बंगाल की 42 सीटों पर भी सातों चरण में मतदान होगा। 19 और 26 अप्रैल को पहले और दूसरे चरण का हो चुका है। तीसरे चरण का मतदान 7 मई को होगा। 

(This story was originally published by Boom, as part of the Shakti Collective. Except for the headline/excerpt/opening introduction para this story has not been edited by Amar Ujala staff)

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