असम में बाढ़ का कहर जारी है। इससे मरने वालों की संख्या बढ़कर 75 हो गई है। वहीं, इससे प्रभावित लोगों की संख्या 3.32 लाख हो गई है। राज्य सरकार ने मृतकों के परिवारों को दी जाने वाली अनुग्रह राशि को बढ़ाकर 9 लाख रुपये प्रति परिवार कर दिया है। इसी बीच सोशल मीडिया पर एक वीडियो वायरल हो रहा है। वीडियो में कुछ लोग पानी में डूबते लोगों को बचाने की कोशिश कर रहे हैं। वीडियो को असम का बताकर शेयर किया जा रहा है।
अमर उजाला ने अपनी पड़ताल में वायरल दावे को गलत पाया है। हमने पाया कि वायरल वीडियो दो साल पुराना उत्तराखंड का है।
क्या है दावा
सोशल मीडिया पर एक वीडियो शेयर कर दावा किया जा रहा है कि यह वीडियो असम बाढ़ का है। जहां कुछ लोग पानी में बहते लोगों को बचा रहे हैं।
शगुफ्ता खान (@Digital_khan01) नाम के एक्स यूजर ने लिखा,’असम में बाढ़ का पानी जानलेवा हो गया और प्रकृति ने अपनी असली ताकत दिखाई। बचाव दल तेज बहाव के बीच फँसे लोगों को बचाने के लिए अपनी जान जोखिम में डाल रहे हैं।’ पोस्ट का लिंक आप यहां और आर्काइव लिंक यहां देख सकते हैं।
इसी तरह के अन्य दावों के लिंक आप यहां देख सकते हैं। इनके आर्काइव लिंक आप यहां देख सकते हैं।
पड़ताल
इस दावे की पड़ताल करने के लिए हमने सबसे पहले वीडियो के कीफ्रेम को गूगल रिवर्स इमेज पर सर्च किया। इस दौरान हमें उत्तराखंड पुलिस के एक्स हैंडल पर वायरल वीडियो देखने को मिला। यह वीडियो 26 जुलाई 2024 को साझा किया गया है। इसके साथ ही यहां बताया गया है कि कांगड़ा घाट, हरिद्वार पर गंगा की तेज लहरों में बह रहे शिवभक्त को #UttarakhandPolice SDRF जवानों ने कड़ी मशक्कत के बाद सकुशल बचा लिया।
इसके बाद हमें
एबीपी न्यूज के यूट्यूब चैनल पर वायरल वीडियो से संबंधित खबर देखने को मिली। यह वीडियो 25 जुलाई 2024 को प्रकाशित किया गया है। यहां बताया गया है कि गंगा नदी में डूब रहे 13 कांवड़ियों की SDRF टीम ने बचाई जान।

आगे की पड़ताल के लिए हमने अमर उजाला की न्यूज डेस्क से संपर्क किया। इस दौरान हमें एक रिपोर्ट मिली। यह रिपोर्ट 23 जुलाई 2024 को प्रकाशित की गई है। रिपोर्ट में बताया गया है कि कांवड़ यात्रा पूरे जोरों पर है। भारी संख्या में कांवड़ यात्री गंगा में स्नान कर रहे हैं। मंगलवार को एसडीआरएफ ने छह कांवड़ यात्रियों को गंगा में डूबने से बचाया है। एसपी सिटी स्वतंत्र कुमार सिंह के मुताबिक एसडीआरएफ की टीम ने कांगड़ा घाट, बैरागी कैंप आदि घाटों पर डूब रहे छह कांवड़ यात्रियों को सुरक्षित बचा लिया।

पड़ताल का नतीजा
हमने अपनी पड़ताल में वायरल वीडियो को दो साल पुराना उत्तराखंड का पाया है। इस वीडियो का असम से कोई संबंध नहीं है।