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Fact Check: दिल्ली में हुए प्रदर्शन को महाराष्ट्र का बताकर फैलाया जा रहा है भ्रम, जानें वीडियो का सच

Fri, 29 Nov 2024 11:58 AM IST
संध्या फैक्ट चेक डेस्क, अमर उजाला

सार

Fact Check: सोशल मीडिया पर एक वीडियो शेयर किया जा रहा है जिसमें लोगो प्रदर्शन कर रहे हैं। दावा किया जा रहा है कि वीडियो महाराष्ट्र का है। PTI ने अपनी पड़ताल में दावे को गलत पाया है। 
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फैक्ट चेक - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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सोशल मीडिया पर एक वीडियो शेयर किया जा रहा है, जिसमें बड़ी संख्या में लोग हाथों में बैनर लिए प्रदर्शन करते नजर आ रहे हैं। वीडियो में भीड़ को "ईवीएम हटाओ, देश बचाओ" जैसे नारे लगाते हुए सुना जा सकता है। इस वीडियो को महाराष्ट्र का बताकर शेयर किया जा रहा है।

पीटीआई फैक्ट चेक डेस्क की जांच में वायरल दावा फर्जी साबित हुआ। जांच में पता चला कि वायरल वीडियो जनवरी-फरवरी 2024 में दिल्ली के जंतर-मंतर पर हुए प्रदर्शन का है। उस समय विभिन्न संगठनों ने ईवीएम हटाने की मांग को लेकर प्रदर्शन किया था। यूजर्स पुराने वीडियो को महाराष्ट्र का बताकर गलत दावे से शेयर कर रहे हैं।

क्या है दावा :

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वीडियो को शेयर करके दावा किया जा रहा है कि चुनाव के नतीजों के बाद महाराष्ट्र के गांवों में गुस्साए लोगों की भीड़ ईवीएम हटाने की मांग को लेकर सड़कों पर उतर आए हैं।

फेसबुक यूजर ‘शम्स आलम गुड्डू’ ने 27 नवंबर को वायरल वीडियो शेयर करते हुए लिखा, “यह भीड़ देखकर लग रही है, जनता महाराष्ट्र में चोरी से बनी नई सरकार बनने ही नहीं देगी। ईवीएम के खिलाफ यह भीड़ बहुत भारी है।” पोस्ट का लिंक, आर्काइव लिंक और स्क्रीनशॉट यहां देखें।

सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ (पूर्व में ट्विटर) पर ‘आशुतोष यादव’ नाम के एक यूजर ने लिखा, “EVM हटाने की चिंगारी अब आंदोलन का रूप महाराष्ट्र के कई गांवों में चुनाव आयोग के खिलाफ लोग सड़कों पर हैं, देश में #EVM को लेकर गहरा संदेह है।” पोस्ट का लिंकआर्काइव लिंक और स्क्रीनशॉट यहां देखें।

पड़ताल :

दावे की पुष्टि के लिए डेस्क ने वायरल वीडियो के की-फ्रेम्स को 'रिवर्स सर्च' किया। इस दौरान पीटीआई को कई पुराने सोशल मीडिया पोस्ट मिले, जिसमें बताया गया कि यह वीडियो जनवरी-फरवरी 2024 में ईवीएम हटाने की मांग को लेकर दिल्ली के जंतर-मंतर पर हुए विरोध प्रदर्शन का है।

सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर जे.एस. चौधरी नाम के एक यूजर ने 1 फरवरी 2024 को वायरल वीडियो से बिल्कुल मिलता-जुलता एक वीडियो शेयर करते हुए लिखा, “कोई मनुवादी मीडिया चैनल और अखबार इसको नहीं दिखायेंगे। ईवीएम हटाने के लिए दिल्ली में उमड़ा जनसैलाब। चुनाव आयोग को और क्या चाहिए।” पोस्ट का लिंकआर्काइव लिंक और स्क्रीनशॉट यहां देखें।

इस वीडियो को दिल्ली में ईवीएम हटाने की मांग को लेकर हुए प्रदर्शन का बताते हुए एक फेसबुक यूजर ने 2 फरवरी 2024 को लिखा, “EVM के खिलाफ दिल्ली के जंतर-मंतर में उमड़ा जनसैलाब” पोस्ट का लिंकआर्काइव लिंक और स्क्रीनशॉट यहाँ देखें।

जांच के दौरान पीटीआई को दिल्ली के जंतर-मंतर पर ईवीएम हटाने की मांग को लेकर चल रहे प्रदर्शन से जुड़ा एक और वीडियो मिला, जिनमें लगाए जा रहे नारे वायरल वीडियो से मेल खाते हैं।

अनिल कुमार-एएसपी नाम के ‘एक्स’ यूजर ने इस वीडियो को 1 फरवरी 2024 को सुबह 7 बजकर 37 मिनट पर शेयर किया और लिखा, “नई दिल्ली से LIVE : जंतर मंतर पर सड़कों पर उतरा जनसैलाब, भारत मुक्ति मोर्चा द्वारा किया जा रहा है विरोध प्रदर्शन,  #EVM को हटाने के लिए किया जा रहा प्रदर्शन #DELHI” पूरा वीडियो यहां क्लिक  (आर्काइव) कर देखें।

प्राप्त जानकारी के आधार पर, संबंधित कीवर्ड की मदद से गूगल सर्च करने पर पीटीआई को ‘अमर उजाला’ की वेबसाइट पर 31 जनवरी 2024 को प्रकाशित एक रिपोर्ट मिली।

रिपोर्ट के मुताबिक, भारत मुक्ति मोर्चा, राष्ट्रीय किसान मोर्चा, बहुजन मुक्ति पार्टी समेत 22 संगठनों ने 31 जनवरी 2024 (बुधवार) को जंतर-मंतर पर इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीन (ईवीएम) को हटाने की मांग को लेकर विरोध प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारी उत्तर प्रदेश, हरियाणा, पंजाब, दिल्ली, राजस्थान, बिहार और अन्य राज्यों से हाथों में ईवीएम हटाओ के बैनर लेकर जुटे थे। पूरी रिपोर्ट यहां पढ़ें।

पड़ताल का नतीजा :
पीटीआई की अब तक की जांच से यह स्पष्ट है कि सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो के जरिये किया जा रहा दावा फर्जी है। वायरल वीडियो जनवरी-फरवरी 2024 में दिल्ली के जंतर-मंतर पर हुए प्रदर्शन का है। उस समय विभिन्न संगठनों ने ईवीएम हटाने की मांग को लेकर प्रदर्शन किया था। यूजर्स पुराने वीडियो को महाराष्ट्र का बताकर गलत दावे से शेयर कर रहे हैं। 

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(This story was originally published by PTI as part of the Shakti Collective. Except for the headline and opening introduction para this story has not been edited by Amar Ujala staff)

 

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