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Fact Check: छह साल पुराने वीडियो को अभी सांप्रदायिक तरीके से वायरल करने की कोशिश, पढ़ें पड़ताल

Thu, 03 Oct 2024 09:59 PM IST
संध्या फैक्ट चेक डेस्क, अमर उजाला

सार

Fact Check: सोशल मीडिया पर पुलिस को पीटते हुए एक वीडियो वायरल हो रहा है। वीडियो में दावा किया जा रहा है कि मुस्लिम पुलिस को पीट रहे हैं। 

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फैक्ट चेक - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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सोशल मीडिया पर एक वीडियो शेयर किया जा रहा है जिसमें देखा जा सकता है कि एक महिला पुलिस की वर्दी पहने एक आदमी को मारती हुई नजर आ रही है। वीडियो में दिख रहा है कि कुछ आदमियों की भीड़ भी पुलिस कर्मी को मारते हुए नजर आ रही है। 
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क्या है दावा 

इस वीडियो को शेयर करके दावा किया जा रहा है कि पुलिस चालान काट रही थी, तभी वहां पर कुछ मुस्लिम लोग पहुंचते हैं और पुलिस वाले के साथ मारपीट करने लगते हैं। इस वीडियो को शेयर करके इसे सांप्रदायिक घटना बताया जा रहा है। 

महेश चौधरी (@MaheshDoon) नाम के एक एक्स यूजर ने लिखा “बरेली सिविल लाईन्स न्यूज पुलिस द्वारा चालान काटने पर मुसलमानो ने उनकी पिटाई की,जो कानून को चुनौती है,यह विडियो बताता है कि आगे हिन्दुस्तान मे क्या क्या होगा,कौन देश चलाएगा,सबका भविष्य क्या होगा,सच यह है कि देश को अंदर से ज्यादा खतरा है।”
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जीतेंद्र प्रताप सिंह (@jpsin1) नाम के एक एक्स यूजर ने लिखा “क्या कोई बता सकता है यह कहां का वीडियो है ?? और यह विशेष समुदाय के लोग पुलिस वाले को इतना बुरी तरह से पीट रहे हैं जबकि वहां बड़ी संख्या में हथियारबंद पुलिस चुपचाप तमाशा देख रही है।”
 

पड़ताल

वीडियो को कीवर्ड से सर्च करने पर पता हमें कई पुरानी खबरें मिलीं। वहां से हमें पता चला कि वीडियो 2018 का है और उत्तर प्रदेश का है। इसके बाद हमें एक्स पर एक कई साल पहले का ट्वीट मिला। यहां से ये साफ है गया कि वीडियो पुराना है।

इस वीडियो पर पुलिस का बयान भी 2018 में सामने आया था। पुलिस की तरफ से घटना की जानकारी देते हुए बताया गया था ये मामला एक बैंक से जुड़ा था जिसमें पुलिस को बुलाया गया था। पुलिस ने ये भी बताया कि मामला थाना लोनी बॉर्डर क्षेत्र का है। पुलिस ने 2 लोगों को गिरफ्तार कर लिया था और बाकी घटना की जांच कर रही थी। 
 

पड़ताल का नतीजा

हमारी पड़ताल में ये साफ है कि वीडियो पांच साल पुराना है। 

 
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