सीएम ने विपक्ष पर उठाए सवाल
इस बीच असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने आरोप लगाया कि विपक्ष जुबीन गर्ग को न्याय दिलाने की मांग के मुद्दे का इस्तेमाल हिंदू समाज को कमजोर करने के लिए कर रहा है। उन्होंने प्रख्यात लेखिका और साहित्य अकादमी पुरस्कार विजेता व राज्य के संसदीय कार्य मंत्री चंद्र मोहन पटवारी की पत्नी रीता चौधरी की भी आलोचना की। इन्होंने जुबीन गर्ग के अंतिम संस्कार स्थल पर आने-जाने के समय को सीमित करने वाली एसओपी की निंदा की थी। सरमा ने पूछा, "विपक्ष इस मुद्दे को हिंदू समाज के खिलाफ जिंदा रख रहा है। अखिल गोगोई और विपक्ष का कहना है कि जुबीन की कोई जाति या धर्म नहीं था। क्या जुबीन हिंदू नहीं थे? क्या जुबीन असमिया नहीं थे?"
यह खबर भी पढ़ेंः जांच के बाद असम पुलिस की टीम सिंगापुर से वापस लौटी, सिंगर जुबीन गर्ग की मौत को लेकर सामने आया नया अपडेट
हमें न्यायपालिका में विश्वास रखना चाहिए
इस दौरान सरमा ने भाजपा द्वारा विभिन्न जिलों में निकाली जा रही 'न्याय यात्रा' का समर्थन किया। उन्होंने कहा कि जिस दिन पुलिस चार्जशीट दाखिल करेगी, मैं भी सड़क पर उतरकर न्याय की मांग करूगा। मैं मुख्यमंत्री हूं, मुख्य न्यायाधीश नहीं। इसलिए मैं न्याय की मांग करूंगा। हम सभी को न्यायपालिका में विश्वास बनाए रखना चाहिए।
19 सितंबर को हुई थी सिंगर की मौत
प्रसिद्ध गायक की 19 सितंबर को सिंगापुर में समुद्र में तैरते समय रहस्यमय परिस्थितियों में मृत्यु हो गई। वह पूर्वोत्तर भारत महोत्सव के चौथे संस्करण में भाग लेने के लिए दक्षिण पूर्व एशियाई देश गए थे।