छोटे पर्दे पर चमका वीर का सितारा
वीर शर्मा को सबसे ज्यादा पहचान मिली मिथोलॉजिकल शो ‘वीर हनुमान’ से, जिसमें उन्होंने बाल लक्ष्मण की भूमिका निभाई थी। उनकी आंखों की मासूमियत और डायलॉग डिलीवरी ने दर्शकों का दिल छू लिया। यही नहीं, वो सैफ अली खान की एक आने वाली फिल्म में उनके बचपन का किरदार निभाने वाले थे। इसके अलावा, वह सोनी सब टीवी के ‘श्रीमद रामायण’ में पुष्कल का अहम रोल कर रहे थे। इतनी छोटी उम्र में एक के बाद एक बड़े प्रोजेक्ट हासिल करना वीर की प्रतिभा का सबूत था।
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पढ़ाई में होनहार था बड़ा भाई
वीर के बड़े भाई शौर्य शर्मा 16 साल के थे और इंजीनियर बनने का सपना देख रहे थे। वह आईआईटी की तैयारी कर रहे थे और पढ़ाई में काफी तेज़ थे। घर में अक्सर वह वीर को पढ़ाई और अनुशासन के लिए प्रेरित करते थे। दोनों भाइयों के बीच गहरी दोस्ती थी और शायद यही वजह रही कि दोनों ने आखिरी सांस भी एक साथ ली।
हादसे की वो काली रात
शनिवार देर रात जब यह हादसा हुआ, दोनों भाई घर में अकेले थे। पिता एक धार्मिक कार्यक्रम में शामिल होने गए थे और मां मुंबई में शूटिंग कर रही थीं। रात करीब 2 बजे अचानक फ्लैट के ड्राइंग रूम में शॉर्ट सर्किट से आग लग गई। देखते ही देखते धुआं पूरे घर में भर गया। पड़ोसियों ने दरवाजा तोड़कर दोनों को बाहर निकाला और अस्पताल ले गए, लेकिन तब तक बहुत देर हो चुकी थी।
मां-बाप का बड़ा कदम
रीता शर्मा जब मुंबई से कोटा लौटीं तो उन्हें देखकर हर किसी की आंखें नम हो गईं। पिता जितेंद्र शर्मा ने इस गहरे दुख के बीच भी इंसानियत की मिसाल पेश की और अपने दोनों बेटों की आंखें दान कर दीं। उन्होंने कहा कि 'भले ही मेरे बच्चे अब इस दुनिया में नहीं हैं, लेकिन उनकी रोशनी किसी और की जिंदगी को नया उजाला देगी।'
अधूरी रह गई उड़ान
वीर शर्मा की जिंदगी का यह शुरुआती दौर ही था। टीवी और फिल्मों में उनका भविष्य बेहद उज्ज्वल दिख रहा था। इंडस्ट्री में लोग मान रहे थे कि आने वाले वक्त में वह बड़े स्टार बन सकते हैं। लेकिन किस्मत को कुछ और ही मंजूर था। एक हादसे ने सपनों और उम्मीदों की दुनिया को राख में बदल दिया।