फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Veer Sharma: 'वीर हनुमान' से पहचान, निभाने वाले थे सैफ के बचपन का रोल; कौन थे वीर जिनकी आग में झुलसने से मौत

Sun, 28 Sep 2025 11:51 PM IST
हिमांशु सोनी एंटरटेनमेंट डेस्क, अमर उजाला

सार

Who Was Veer Sharma: टीवी पर काम करने वाले चाइल्ड आर्टिस्ट वीर शर्मा का शनिवार रात निधन हो गया। आग में झुलसने से 10 साल की उम्र में उन्होंने दुनिया को अलविदा कह दिया। आखिर कौन थे वीर, चलिए जानते हैं।
विज्ञापन
वीर शर्मा - फोटो : एक्स
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

टीवी इंडस्ट्री से आई एक खबर ने सभी को झकझोर दिया है। राजस्थान के कोटा में लगी आग में महज 10 साल की उम्र में छोटे पर्दे पर पहचान बनाने वाले वीर शर्मा और उनके बड़े भाई शौर्य शर्मा की मौत हो गई। धुएं से दम घुटने के कारण दोनों मासूमों ने जिंदगी से अलविदा कह दिया। इस हादसे ने हर किसी को सवालों में डाल दिया है।
विज्ञापन


कोटा से टीवी तक का सफर
वीर शर्मा मूल रूप से कोटा के रहने वाले थे। उनके पिता जितेंद्र शर्मा शहर के एक प्रतिष्ठित कोचिंग इंस्टीट्यूट में फैकल्टी थे, जबकि मां रीता शर्मा खुद भी अभिनेत्री हैं और मुंबई में कई टीवी शोज का हिस्सा रह चुकी हैं। कला और शिक्षा के इस माहौल ने वीर को भी एक्टिंग की ओर खींचा। बेहद मासूम चेहरे और नैसर्गिक अदाकारी के दम पर उन्होंने बहुत जल्दी टेलीविजन में अपनी जगह बनाई।
विज्ञापन

वीर शर्मा - फोटो : अमर उजाला
छोटे पर्दे पर चमका वीर का सितारा
वीर शर्मा को सबसे ज्यादा पहचान मिली मिथोलॉजिकल शो ‘वीर हनुमान’ से, जिसमें उन्होंने बाल लक्ष्मण की भूमिका निभाई थी। उनकी आंखों की मासूमियत और डायलॉग डिलीवरी ने दर्शकों का दिल छू लिया। यही नहीं, वो सैफ अली खान की एक आने वाली फिल्म में उनके बचपन का किरदार निभाने वाले थे। इसके अलावा, वह सोनी सब टीवी के ‘श्रीमद रामायण’ में पुष्कल का अहम रोल कर रहे थे। इतनी छोटी उम्र में एक के बाद एक बड़े प्रोजेक्ट हासिल करना वीर की प्रतिभा का सबूत था।

यह खबर भी पढ़ें: Bigg Boss 19: सलमान के शो से आवेज दरबार का पत्ता हुआ साफ, फैंस ने मेकर्स पर लगाया बायस्ड होने का आरोप

पढ़ाई में होनहार था बड़ा भाई
वीर के बड़े भाई शौर्य शर्मा 16 साल के थे और इंजीनियर बनने का सपना देख रहे थे। वह आईआईटी की तैयारी कर रहे थे और पढ़ाई में काफी तेज़ थे। घर में अक्सर वह वीर को पढ़ाई और अनुशासन के लिए प्रेरित करते थे। दोनों भाइयों के बीच गहरी दोस्ती थी और शायद यही वजह रही कि दोनों ने आखिरी सांस भी एक साथ ली।

हादसे की वो काली रात
शनिवार देर रात जब यह हादसा हुआ, दोनों भाई घर में अकेले थे। पिता एक धार्मिक कार्यक्रम में शामिल होने गए थे और मां मुंबई में शूटिंग कर रही थीं। रात करीब 2 बजे अचानक फ्लैट के ड्राइंग रूम में शॉर्ट सर्किट से आग लग गई। देखते ही देखते धुआं पूरे घर में भर गया। पड़ोसियों ने दरवाजा तोड़कर दोनों को बाहर निकाला और अस्पताल ले गए, लेकिन तब तक बहुत देर हो चुकी थी।

मां-बाप का बड़ा कदम
रीता शर्मा जब मुंबई से कोटा लौटीं तो उन्हें देखकर हर किसी की आंखें नम हो गईं। पिता जितेंद्र शर्मा ने इस गहरे दुख के बीच भी इंसानियत की मिसाल पेश की और अपने दोनों बेटों की आंखें दान कर दीं। उन्होंने कहा कि 'भले ही मेरे बच्चे अब इस दुनिया में नहीं हैं, लेकिन उनकी रोशनी किसी और की जिंदगी को नया उजाला देगी।'

अधूरी रह गई उड़ान
वीर शर्मा की जिंदगी का यह शुरुआती दौर ही था। टीवी और फिल्मों में उनका भविष्य बेहद उज्ज्वल दिख रहा था। इंडस्ट्री में लोग मान रहे थे कि आने वाले वक्त में वह बड़े स्टार बन सकते हैं। लेकिन किस्मत को कुछ और ही मंजूर था। एक हादसे ने सपनों और उम्मीदों की दुनिया को राख में बदल दिया।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें