शाहरुख खान और गौरी खान बॉलीवुड के सबसे मशहूर जोड़ों में से एक हैं। उन्हें एक आदर्श कपल माना जाता है। साल 1991 में दोनों ने एक-दूसरे की संस्कृतियों का सम्मान करते हुए तीन समारोहों में शादी की। सबसे पहले, उन्होंने अपनी शादी को रजिस्टर किया, फिर एक हिंदू समारोह और अंत में एक ही दिन में निकाह समारोह किया। गौरी खान एक पुराने इंटरव्यू में इस बात का जिक्र कर चुकी हैं कि शाहरुख से शादी करने के बाद भी उन्होंने उनके धर्म को नहीं अपनाया। हालांकि, वह सभी धर्मों का सम्मान करती हैं।
धार्मिक मतभेदों की वजह से शादी का हुआ था विरोध
दोनों की शादी के छह साल बाद उनके पहले बेटे आर्यन का जन्म हुआ। उसके बाद 2000 में उनकी बेटी सुहाना और 2013 में बेटे अबराम का जन्म हुआ। शाहरुख और गौरी 30 से अधिक वर्षों से खुशहाल शादीशुदा जीवन जी रहे हैं, लेकिन एक समय ऐसा भी था जब गौरी के माता-पिता ने धार्मिक मतभेदों के कारण उनकी शादी का विरोध किया था।
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कौन सा बच्चा किसके धर्म से है प्रभावित?
मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक साल 2005 में, करण जौहर के चैट शो ‘कॉफी विद करण’ में गौरी ने अपना अनुभव साझा किया। वह ऋतिक रोशन की पूर्व पत्नी सुजैन खान के साथ शो में थीं और करण जौहर ने उनसे पूछा कि धर्म ने उनके रिश्ते को कैसे प्रभावित किया? उन्होंने बताया कि उनके बच्चे उनके धर्म से ज्यादा प्रभावित होंगे, लेकिन उनका पहला बेटा आर्यन शाहरुख के धर्म से ज्यादा जुड़ा हुआ लगता है। गौरी ने याद किया कि कैसे आर्यन अक्सर कहता था, "मैं एक मुसलमान हूं", जिससे उनकी मां अक्सर भ्रमित हो जाती थीं, जो अभी भी इस बात को स्वीकार करने की कोशिश कर रही थीं।
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धर्म बदलने पर क्या बोली गौरी खान?
गौरी ने इस बात पर जोर दिया कि वह शाहरुख के धर्म का वह बहुत सम्मान करती हैं, लेकिन उन्होंने यह भी साफ किया कि इसका मतलब यह नहीं है कि वह इस्लाम धर्म अपना लेंगी। उनका मानना है कि हर कोई एक व्यक्ति है और उसे अपने धर्म का पालन करना चाहिए। उन्होंने आपसी सम्मान के महत्व पर जोर दिया बताया कि शाहरुख कभी भी उनके धर्म का अनादर नहीं करेंगे।