तीन तिगाड़ा के निर्देशक रुचिर अरुण के मुताबिक अनपॉज्ड: नया सफर एंथोलॉजी, दिलचस्प कहानियों का जज्बाती मेला है। तीन तिगाड़ा के साथ हमारा प्रयास मानवीय भावनाओं के विभिन्न पक्षों को उजागर करना था। फिल्म की अनूठी कहानी को एक्टर्स ने पर्दे पर खूबसूरती से निभाया है और हमें उम्मीद है कि ये दर्शकों के बीच मजबूती से रेजोनेट होगी। वहीं नुपुर अस्थाना कहती हैं, “नौकरी से छंटनी महामारी के दौरान घटी कड़वी हकीकत रही जिसने दुनिया भर के प्रोफेशनल्स को बहुत बुरी तरह प्रभावित किया। इसके शिकार लोग अनिश्चितता की स्थिति में पहुंच गए और निराशा में डूब गए। कपल इस तरह के प्रोफेशनल सेटबैक की वजह से भावनात्मक उथल-पुथल और जटिलताओं को कैच करने की कोशिश है।”
गोंद के लड्डू की निर्देशक शिखा माकन ने कहा, "महामारी ने हम सभी को किसी न किसी रूप में प्रभावित किया है। हम सब अपने से दूर रहने वाले अपने प्रियजनों की चिंता करते हैं और दूर से ही उनसे कनेक्ट करने और उनकी देखभाल करने के साधनों की तलाश में रहते हैं। कभी-कभी हम अजनबियों के साथ भी हमारा कनेक्शन बन जाता है। गोंद के लड्डू का आइडिया, ट्विस्ट के साथ ह्यूमन बॉन्ड्स के स्पेक्ट्रम को दर्शाना था।” जबकि वॉर रूम के निर्देशक अयप्पा केएम कहते हैं, “महामारी के दौरान फ्रंटलाइन वर्कर्स ने किस तरह प्रतिकूल परिस्थितियों का सामना किया और अनेक जोखिमों के बीच किस तरह वे हमारे लिए खड़े रहे, वॉर रूम उनकी कहानी को बयां करने की कोशिश है।”
वैकुंठ के निर्देशक नागराज मंजुले बताते हैं, “फिल्मावली अनपॉज्ड: नया सफर अपनी प्रत्येक फिल्म के साथ जज्बात की एक श्रृंखला पेश करती है, और मेरी फिल्म वैकुंठ निराशा व आशा के बीच एक अनूठे संतुलन के साथ इसे और भी समृद्ध करती है। एक टीम के रूप में कहानी को इस एंथोलॉजी के हिस्से के रूप में लाने के लिए मैं खुद को सम्मानित महसूस करता हूं।”