श्वेता तिवारी के लिए दूल्हा चाहिए तो मल्लिका शेरावत तैयार हैं। रणवीर बराड़ जरूरत से ज्यादा ज्ञान दें तो उनके लिए ‘गौतम बुद्ध’ भी तैयार हैं। शालिनी पासी का बोलने का अंदाज पसंद आया तो उसकी नकल भी हो जाएगी।
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क्रिस्टल डिसूजा रो दें तो उनके आंसुओं की भी पड़ताल होगी। और इन सबके बीच थोड़ा समय बच जाए तो नाश्ते की टेबल पर कैटवॉक करके उसे ‘हैप्पीनेस वॉक’ भी बना दिया जाएगा। करण जौहर के रियलिटी शो ‘द ट्रेटर्स 2’ के आने वाले एपिसोड्स में मल्लिका शेरावत के ऐसे ही कई रंग देखने को मिलेंगे।
शो में कई जाने पहचाने चेहरे भरोसे और शक के बीच फंसे हैं। कोई किसी की नीयत पर सवाल उठा रहा है तो कोई खुद को ही सही साबित करने में लगा है। ऐसे माहौल में मल्लिका की नजर सब पर है।
उठाई श्वेता की शादी की जिम्मेदारी
श्वेता तिवारी के मामले में तो मल्लिका ने जैसे मैचमेकिंग की जिम्मेदारी ही अपने सिर ले ली है। वह शुरू से ही श्वेता के लिए अच्छे साथी की बात करती रही हैं। अब तो उन्होंने बाकायदा कह दिया कि वह श्वेता को एक अच्छे यूरोपियन पुरुष से मिलवाएंगी। ऐसा पुरुष जो उन्हें प्यार करे, उनकी कद्र करे और उन्हें खुश रखे।
रणवीर से बोलीं- ज्ञान कुछ ज्यादा ही है
रणवीर बराड़ की बारी आई तो मल्लिका को लगा कि रणवीर हर बात को समझाने और ज्ञान देने में ज्यादा ही आगे रहते हैं। बस फिर क्या था, उन्होंने रणवीर को अपने ही अंदाज में ‘गौतम बुद्ध’ बना दिया। मल्लिका का मतलब यह नहीं था कि रणवीर सच में कोई संत हैं। वह बस उनके इस अंदाज की खिंचाई कर रही थीं।
शालिनी की कर डाली मिमिक्री
मल्लिका सिर्फ यह नहीं रुकतीं हैं। वह शो में दूसरे साथियों की मिमिक्री भी कर रही हैं। जिस तरह शो में शालिनी पासी की अपनी एक अलग शैली है। बात समझानी हो तो वह उसे पूरा खोलकर बताती हैं। मल्लिका ने यही अंदाज पकड़ लिया और फिर शालिनी की नकल उतारकर उनकी खिंचाई करने लगीं।
मल्लिका और क्रिस्टल
- फोटो : X
क्रिस्टल के आंसू पर किया सवाल
इसके अलावा मल्लिका ने शो में क्रिस्टल डिसूजा को रोते देखा तो उनके टीवी अभिनेत्री होने का हवाला देते हुए कहा कि कैमरे के सामने रोना उनके लिए कोई मुश्किल काम नहीं है।
नाश्ते की टेबल पर किया कैटवॉक
वहीं शो में जब मल्लिका सुबह नाश्ते की टेबल पर पहुंचीं तो वहीं कैटवॉक शुरू कर दिया। नाम भी खुद ही रख लिया, ‘हैप्पीनेस वॉक’। रैंप नहीं है तो क्या हुआ, नाश्ते की टेबल है। मल्लिका को मस्ती के लिए किसी खास जगह या खास मौके की जरूरत नहीं है। शायद यही बेफिक्री उनकी पहचान भी है।