ये सीरीज इस पूरी घटना के चश्मदीद रहे कुछ लोगों के अनुभवों पर लिखी गई है, और इसे लिखने में कुछ दिग्गज लेखकों ने भी प्रोडक्शन कंपनी मैचबॉक्स की मदद की है। कहा यही जा रहा है कि ये सीरीज एक किताब पर आधारित है लेकिन अभी इस बारे में निर्माण कंपनी ने कोई आधिकारिक बयान अब तक जारी नहीं किया है। ये भी पता चला है कि इस वेब सीरीज को एक बड़े ओटीटी की तरफ से हरी झंडी पिछले साल ही मिल चुकी है।
आईसी 814 के अपहरण के बाद ही देश में आतंकवादी संगठनों को लेकर नया मसौदा बना और सरकार ने ये फैसला किया कि आतंकवादियों से किसी तरह की वार्ता न करने का जैसा अमेरिकी रवैया है, वैसा ही रवैया आगे से भारत भी अपनाएगा। गौरतलब है कि उस हवाई जहाज के 176 यात्रियों को छुड़ाने के लिए तब की सरकार ने भारत की जेल में कैद तीन दुर्दांत आतंकवादियों को छोड़ दिया था।
‘अमर उजाला’ को सूत्रों से ये पता चला है कि ये सिहरा देने वाली सीरीज श्रीराम राघवन नहीं निर्देशित करने जा रहे हैं और न ही ये उनकी डिजिटल दुनिया में शुरूआत होगी। इस सीरीज का निर्देशन करने की जिम्मेदारी चर्चित फिल्म निर्देशक साकेत चौधरी को मिली है जो इसके पहले ‘प्यार के साइड इफेक्ट्स’, ‘शादी के साइट इफेक्ट्स’ और ‘हिंदी मीडियम’ जैसी सुपरहिट फिल्में निर्देशित कर चुके हैं। इस सीरीज की शूटिंग पिछले साल अक्तूबर में ही शुरू होने वाली थी लेकिन कहानी की मांग के हिसाब से इसमें एक साथ कम से कम ढाई तीन सौ लोगों की मौजूदगी शूटिंग के समय रहनी है। मौजूदा समय के हिसाब से ये मुमकिन नहीं है और ऐसे में अब इसे वैक्सीनेशन कार्यक्रम के बाद शूट किया जाएगा।