MX Player की बहुप्रतीक्षित वेबसीरीज ‘रनअवे लुगाई’ अब दर्शकों के बीच उपलब्ध है । दर्शक आज से इसे MX Player ऐप पर देख सकते हैं। मशहूर कलाकारों से सजी इस सीरीज के ट्रेलर को दर्शकों द्वारा काफी पसंद किया गया है। यह एक युवा दंपत्ति रजनीकांत सिन्हा उर्फ रजनी व बुलबुल की कहानी है। रजनी के पिता एक विधायक हैं। इस सीरीज में मुख्य भूमिका में नजर आ रहे हैं संजय मिश्रा, नवीन कस्तूरिया, रूही सिंह, व रवि किशन। इस सीरीज के बारे में हमारी बात हुई जाने माने अभिनेता संजय मिश्रा से। आइए जानते हैं कि उन्होंने हमसे क्या कहा-
सवाल-
संजय जी अपने किरदार के बारे में हमें बताइए, यह आपके बाकी के किरदारों से कैसे अलग है?
जवाब-
इस सीरीज में मैंने एक डॉमिनेंट फादर का रोल निभाया है। एक ऐसा बाप जो अपनी महात्वाकांक्षा जो कि एक मंत्री बनने की है, के लिए कुछ भी कर सकता है। इसी चक्कर में वो अपने बेटे की पोस्टिंग ऐसी जगह कराता है जहां से उसे राजनीतिक लाभ हो सकें। यह किरदार अभीतक मेरे द्वारा निभाए गए बाकि किरदारों से काफी अलग है। मैंने इससे पहले डॉमिनेंट फादर का किरदार दम लगा के हैशा में निभाया है हालांकि वो इतना महात्वाकांक्षी नहीं था। तो ये मेरे लिए एक अलग ही तरह का किरदार था।
runaway lugayi
- फोटो : mx player
सवाल-
आपने इस रोल की तैयारी के लिए क्या किया?
जवाब-
यह कहानी बिहार पर आधारित है, मैं वहां का विधायक बना हुआ हूं, चूंकि मेरी परवरिश वहीं की है ऐसे में मुझे बहुत तैयारी नहीं करनी पड़ी। मैं वहां के राजनीतिक बैकग्राउंड को समझता था, वहां की भाष मुझे आती है। साथ ही मैं खुद को डायरेक्टर्स ऐक्टर मानता हूं। जो मेरे डायरेक्टर बोलते हैं उसी में मैं कुछ नया निकालने की कोशिश करता हूं।
सवाल-
नवीन कस्तूरिया व रूही सिंह जैसे युवा कलाकारों के साथ काम करने का आपका अनुभव कैसा रहा?
जवाब-
दोनों कलाकार नवीन व रूही मेरा काफी सम्मान करते हैं। नवीन एक मंझा हुआ कलाकार है, वो नया नहीं है, मैं पहले भी उसके साथ काम कर चुका हूं। तो वहीं रूही के साथ यह मेरा पहला अनुभव है। तो नए लोगों के साथ काम करने में मुझे बहुत मजा आया।
सवाल-
आप पिछले तीन दशकों से इंडस्ट्री में हैं, ऐसे में इंडस्ट्री की कॉमेडी कितनी बदली है?
जवाब-
अब डार्क ह्यूमर जैसी चीजें भी आ रही हैं, डार्क ह्यूमर या ब्लैक ह्यूमर को भी दर्शकों द्वारा पसंद किया जा रहा है। बीच में सिर्फ किरदार पर हंसा जाता था अब उसकी बातों उसकी सिचुएशन पर भी कॉमेडी होती थी। जैसे मैंने धमाल, व गोलमाल जैसी फिल्में भी की हैं, तो वहीं मैंने आंखो देखी भी की है। तो मुझे दोनों तरह के दर्शक मिलते हैं। तो कॉमेडी में ढेरों बदलाव आए हैं। क्योंकि दर्शक भी बदले हैं। अब दर्शक सिर्फ हीरो हिरोइन की ही दुनियां नहीं देखना चाहते अब आम लोगों की कहानी भी देखना चाहते हैं।
सवाल-
कॉमेडी करना कितना मुश्किल होता है, इसमें कितनी चुनौतियां होती हैं?
जवाब-
यह पूरी तरह निर्देशक पर निर्भर करता है। अधिकतर चीजें आपकी टाइमिंग पर निर्भर करती हैं। ऐसे में अगर निर्देशक अच्छा है तो आपकी टाइमिंग बेहतर हो जाती है। अक्सर ऐसा होता है कि जब हम शूट कर रहे होते हैं तो हमें बहुत सारी चीजें नहीं पता होती हैं, हमें लगता है कि इस पर कौन हंसेगा, लेकिन रिलीज के समय दर्शक इस पर सीटी बजा रहे होते हैं। तो ये पूरा निर्देशन पर ही निर्भर करता है।
तो ये थी अमर उजाला से बातचीत में संजय मिश्रा द्वारा साझा किए गए अनुभव। इसके अलावा उनकी नई सीरीज रनअवे लुगाई MX Player पर आ गयी है तो इसे देखना बिल्कुल न भूलें।