धक्के और अपमान खाकर
सीरीज 'मटका किंग' में विजय ने ब्रिज भट्टी का रोल अदा किया है। ट्रेलर की शुरुआत में ब्रिज भट्टी को एक कपास के कामगार के रूप में दिखाया गया है। 1960 के दशक के बॉम्बे (अब मुंबई) की झलक है। बैकग्राउंड में आवाज है, 'ब्रिज भट्टी, वो आदमी था, जिसने मौके पर खेलकर इतना पैसा कमाया कि सरकारी खजाना भी उसके सामने चिल्लर लगने लगा'। इसके बाद विजय कपास ट्रेडर के रूप में काम करते हुए नजर आए हैं। इस दौरान वे सेठ से कुछ पैसा मांगते हैं, मगर मिलता है अपमान और धक्के। इसके बाद ब्रिज भट्टी लेता है एक फैसला।
'बैंक से ज्यादा मटके पर बढ़ गया यकीन'
कपास ट्रेडर का काम छोड़ ब्रिज भट्टी सट्टेबाजी की तरफ बढ़ता है और कहता है, 'सबको जिंदगी में छलांग लगाने का हक होना चाहिए। चाहें वो अमीर हो या गरीब'। शुरुआत होती है जुआ-सट्टा की और फैसला होता है कि, 'इसे आज से जुआ-सट्टा नहीं बोलेंगे, इसे मटका कहा जाता है'। मटके का यह खेल इतना हिट हुआ कि लोग बैंक से ज्यादा मटके पर यकीन करने लगे। देखते ही देखते ब्रिज भट्टी की किस्मत भी पलट गई। जिंदगी और जीवनशैली आलीशान हो गई।
कब रिलीज होगी यह सीरीज?
ब्रिज भट्टी के 'मटका किंग' बनने के सफर में कुछ दुश्मन भी बने। सबक सिखाने वाले अपने मिशन पर निकले। आम आदमी को उम्मीद देने वाला यह खेल खुद में एक पावरफुल और जहरीला सिस्टम बन गया। घर बर्बाद होने लगे, जिसकी आंच खुद ब्रिज भट्टी के घर तक पहुंची। दूसरी तरफ, दुश्मन भट्टी की जान के दुश्मन बन गए। ट्रेलर काफी रोमांचक है। इसे यूजर्स की सकारात्मक प्रतिक्रिया मिल रही है। बता दें कि यह सीरीज 17 अप्रैल से प्राइम वीडियो पर स्ट्रीम होगी।