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Jamtara Season 2 Review: ‘जामताड़ा’ ने दूसरे सीजन में दिखाया असली दम, नोटबंदी ने सिखाए ठगी के नए सबक

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जामताड़ा सीजन 2 रिव्यू - फोटो : अमर उजाला, मुंबई
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Movie Review
जामताड़ा सीजन 2
कलाकार
सीमा पाहवा , दिब्येंदु भट्टाचार्य , अमित सियाल , अक्षा परदासानी , स्पर्श श्रीवास्तव , मोनिका पंवार , अंशुमान पुष्कर और रवि चाहर आदि
लेखक
निशंक वर्मा , त्रिशांत श्रीवास्तव , कनिष्क और अश्विन वर्मन
निर्देशक
सौमेंद्र पाधी
निर्माता
टिपिंग प्वाइंट वायकॉम 18
ओटीटी
नेटफ्लिक्स
रेटिंग
3/5

इस बार मामला शुरू से सेट है। जी हां, नेटफ्लिक्स की चर्चित वेब सीरीज ‘जामताड़ा सबका नंबर आएगा’ का सीजन 2 अपने पहले एपिसोड से ही रंग में है। आमतौर पर एक वेब सीरीज के लिए सबसे मुश्किल सीजन उसका दूसरा सीजन ही होता है और अच्छी अच्छी वेब सीरीज का रंग दूसरे सीजन में उतरता ही उतरता है। लेकिन, तारीफ करनी होगी वेब सीरीज ‘जामताड़ा सबका नंबर आएगा’ के दूसरे सीजन के लेखकों की कि इन लोगों ने पहले एपिसोड से ही मामला जमा दिया है। इस बार कहानी की धुरी बनी है प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की नोटबंदी की वह घोषणा जिसने पूरे देश की करंसी बदल दी। मामला इस बार भी मूल रूप से वही है कि गुमनाम नंबरों से आवाज बदलकर फोन करो। फोन उठाने वाले को तरह तरह की बातों में उलझाओ और किसी तरह उनके बैंक का खाता नंबर, डेबिट या क्रेडिट कार्ड का नंबर, कार्ड के पीछे लिखा रहने वाला तीन अंकों का सीवीवी नंबर और फिर मोबाइल पर आने वाला ओटीपी नंबर हासिल करो। बस, उसके बाद न फोन करने वाले का पता और न ही उसके फोन नंबर का! डिटेल बताने वाले का खाता खाली हो चुका है।

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जामताड़ा सीजन 2 रिव्यू - फोटो : अमर उजाला, मुंबई
पहले एपिसोड में पूजा का शुगन
झारखंड में स्थित जामताड़ा से निकला फिशिंग का ये मायाजाल अब पूरे देश में फैल चुका है। बाकायदा इसकी कक्षाएं खुल चुकी हैं। बेरोजगार युवक युवतियां इसकी ट्रेनिंग ले रहे हैं। पब्लिक भी होशियार हो रही है। लेकिन जब तक पुराने खेल को लेकर लोग सतर्क होते हैं, ये चतुर चौकड़ी नया खेल खेलने लगती है। नाम तो नहीं लिया गया लेकिन इस बार ‘कौन बनेगा करोड़पति’ के नाम से लोगों को चूना लगाने का भी जिक्र आ ही गया। इस गेम शो के चक्कर में भी बहुत सारे लोगों ने अपनी मेहनत की कमाई फोन पर चूना लगाने वालों के हाथों गंवाई है। वेब सीरीज ‘जामताड़ा सबका नंबर आएगा’ का दूसरा सीजन माहौल बनाने में समय नहीं खोता है। किरदार कुछ जाने पहचाने हैं तो कुछ शगुन वाले भी। ‘पंचायत’ के दूसरे सीजन के लिए लकी साबित हुईं पूजा झा यहां भी पहले ही एपीसोड में लवली बनी दिखती हैं।

जामताड़ा सीजन 2 रिव्यू - फोटो : अमर उजाला, मुंबई
सुलझती कहानी के उलझते पेंच
लेकिन, कहानी इस बार एकसर नहीं है। गुड़िया मंडल के चुनाव लड़ने का एलान हो चुका है। ब्रजेश भान भी मैदान में है। वह अपने मातहतों की स्वामिभक्ति परख रहा है। रॉकी और लवली की प्रेम कहानी रंग दिखा रही है और सनी ने भी समझ लिया है कि लोगों को अब पुराने तरीकों से बेवकूफ बनाने का तरीका बदलना होगा। ब्रजेश भान के नए चेले ने पिच पर कदम रखने के पहले ही दिन जो ‘कांड’ किया है उसने सूबे के आलाकमान तक को हिलाकर रख दिया है। मामला दूसरे सीजन में दूसरे लेवल का होता दिख रहा है। कहानी में इस बार रफ्तार वाले पेंच हैं। सायक भट्टाचार्य के कैमरे के भी चमत्कार कम नहीं है। पूरब के भारत की नैसर्गिक सुंदरता एक अपराध कथा में भी अपनी पूरी छटा के साथ दिख रही है। और, नोटबंदी के ड्रामे में जो झामा इस बीच आया है, उसने दूसरे सीजन की नई गुलाटियों को नया कैटलिस्ट दे दिया है।

जामताड़ा सीजन 2 रिव्यू - फोटो : अमर उजाला, मुंबई
तेवर वाले किरदार, दमदार कलाकार
वेब सीरीज ‘जामताड़ा सबका नंबर आएगा’ का सीजन 2 अपनी कसी हुई लिखावट से पहले सीजन से बेहतर बन पड़ा है। निशंक वर्मा का मूल विचार इस बार नए तेवर के साथ त्रिशांत के साथ साथ कनिष्क और अश्विन ने भी नए करंट के साथ नए माहौल और नई अड़चनों के बीच सेट किया है। संवाद भी चुटीले हैं, जैसे, ‘देश नेता से नहीं पैसा से चलता है, समझे!’ विभु गुप्ता और विकास पाल ने एक बार फिर कुछ वाकई कलाकार टाइप के एक्टर दूसरे सीजन के लिए छांटे हैं। मुख्य कलाकारों में पहले सीजन वाले सारे दबंग अपने अपने पूरे रंग में हैं। सीमा पाहवा कैमरे के सामने आते ही अपनी तरफ से नजर हटने नहीं देती हैं। दिब्येंदु भट्टाचार्य की कलाकारी के सब फिर से कायल हैं। अक्षा, स्पर्श, मोनिका, रवि के साथ साथ अंशुमान पुष्कर ने अपने अपने किरदार सौ फीसदी सांचे के हिसाब से ही किए हैं, लेकिन इन सब पर भारी दिख रहे हैं अमित सियाल। अमित सियाल को ओटीटी ने जो संजीवनी दी है, उसका वह पूरा फायदा उठा रहे हैं। संघर्ष से सितारा बनने की मुंबई की अभिनय बिरादरी की वह नई मिसाल बन चुके हैं।
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जामताड़ा सीजन 2 रिव्यू - फोटो : अमर उजाला, मुंबई
पुराने चावलों की खुशबूदार खिचड़ी
वेब सीरीज ‘जामताड़ा सबका नंबर आएगा’ का दूसरा सीजन खटकता है तो बस कहानी को कहीं कहीं कुछ ज्यादा ही भाषण में तब्दील कर देने के चलते। हां, छोटा नागपुर का लोकसंगीत अरसे बाद सुनकर आनंद आता है हालांकि इसमें वहां के ठेठ लोकसंगीत के ठेके होते तो ये बेहतर हो सकता था। जरूरत अब इस बात की भी है कि जामताड़ा के इन किरदारों को थोड़ा विस्तृत आसमान कुछ नई कलाबाजियों के लिए मुहैया कराया जाए। हो सकता है इसके तीसरे सीजन में ये गड़बड़ियां भी दूर होती दिखें। फिलहाल के लिए दूसरे सीजन में पंपा बिस्वास के बनाए बिल्कुल देसी परिधानों से सजे इन पुराने खिलाड़ियों के नए खेल का आनंद लीजिए।
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