पलाश मुछाल, विज्ञान माने
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नोटिस का जवाब दिया गया है
उन्होंने आगे कहा, 'उसकी तरफ से 10 करोड़ रुपये का मानहानि नोटिस भेजा गया है, लेकिन वह किसी कोर्ट या पुलिस स्टेशन की ओर से नहीं, बल्कि उसके निजी वकील की तरफ से है। मेरे वकील ने उसका सही तरीके से जवाब दे दिया है और उसकी कॉपी भी साझा की है।
इसलिए उस नोटिस को लेकर कोई कानूनी दबाव नहीं है। सच यह है कि वह पुलिस जांच से बच रहा है। उसे दो बार नोटिस भेजा गया, कई बार बुलाया गया, लेकिन वह आया नहीं। इससे साफ है कि वह जांच में सहयोग नहीं करना चाहता। इसके बावजूद मैंने कभी इस मामले को प्रचार का विषय नहीं बनाया।'
गलत है बॉम्बे हाई कोर्ट वाली खबर
बॉम्बे हाई कोर्ट से जुड़ी खबरों पर उन्होंने कहा, 'जो खबर बॉम्बे हाई कोर्ट के नाम से फैलाई जा रही है, वह पूरी तरह गलत है। मुझे अभी तक किसी भी अदालत या पुलिस विभाग से ऐसा कोई आधिकारिक पत्र नहीं मिला है।'
‘मैं सिर्फ कानूनी रास्ते से आगे बढ़ूंगा’
आखिर में विज्ञान माने ने कहा, 'मुझे लगता है कि यह सब अपनी छवि सुधारने और चर्चा में बने रहने की कोशिश है। जब किसी की छवि पर असर पड़ता है, तो कुछ लोग ध्यान खींचने के लिए तरह-तरह की बातें फैलाते हैं। पब्लिसिटी स्टंट करते हैं।
लेकिन मैं इन सब में नहीं पड़ना चाहता। मैं सिर्फ कानूनी प्रक्रिया के जरिए ही आगे बढ़ूंगा और किसी तरह के समझौते या दबाव में नहीं आऊंगा।'
पलाश मुछाल से नहीं हो सका संपर्क
इस मामले में हमने पलाश मुछाल से भी संपर्क करने की कोशिश की। हालांकि खबर लिखे जाने तक उनकी ओर से कोई प्रतिक्रिया नहीं मिली।