टीवी की जानी-मानी अभिनेत्री चारू आसोपा ने हाल ही में अपने पूर्व पति और बॉलीवुड अभिनेत्री सुष्मिता सेन के भाई राजीव सेन के बयान पर तीखा प्रतिक्रिया दी है। राजीव ने आरोप लगाया था कि चारू ने उनकी बेटी जियाना को उनसे दूर कर दिया है। इस बयान के बाद चारू ने एक वीडियो शेयर कर अपनी भावनाओं का खुलासा किया और कहा कि उन्हें इस बात से गहरा दुख पहुंचा है।
चारू ने एक्स पति के आरोपों का दिया जवाब
चारू ने बताया कि मुंबई में आर्थिक समस्याओं के कारण उन्होंने अपनी बेटी जियाना को बेहतर जीवन देने के लिए बीकानेर शिफ्ट कर दिया। उन्होंने साफ किया कि कभी भी उन्होंने राजीव को अपनी बेटी से मिलने से रोकने की बात नहीं कही।
ये खबर भी पढ़ें:
Maa Song Humnava: काजोल की फिल्म 'मां' का सॉन्ग 'हमनवा' रिलीज, अजय देवगन ने शेयर किया वीडियो
चारू ने कहा, ‘मैंने हमेशा कहा कि आप अपनी बेटी से मिल सकते हैं, कई बार तो मैंने उन्हें खुद मिलने आने को कहा भी है।’ मुंबई में रहते हुए भी वो अक्सर जियाना को लेकर राजीव या उनकी बहन सुष्मिता सेन के घर जाती थीं।
बेटी से ना मिलने देने के आरोपों पर जवाब
चारू ने राजीव सेन के साथ तलाक के बाद दुबई ट्रिप की भी बात शेयर की, जहां लोग सोचने लगे थे कि दोनों के बीच सुलह हो गई है, लेकिन ऐसा नहीं था। वो सिर्फ अपनी बेटी की खातिर उनके साथ गई थीं। उन्होंने आगे कहा कि उनका मकसद अपनी बेटी के लिए एक स्थिर और सुरक्षित घर बनाना है, जहां जियाना खुलकर अपनी बात कह सके, जहां वो अपनी दुनिया बसाए।
क्यों मुंबई में नहीं रह रहीं चारू?
चारू ने बताया कि राजीव ने उन्हें मुंबई में किराए के घर में रहने और किराया खुद देने का भी ऑप्शन दिया था लेकिन उन्होंने यह विकल्प इसलिए नहीं चुना क्योंकि वो चाहती थीं कि उनकी बेटी अपना खुद का घर हो। उन्होंने कहा, ‘मुंबई में घर खरीदना बहुत महंगा है, लेकिन मैंने आधे खर्च में बीकानेर में घर बनवा लिया है। मैं तब मुंबई वापस आउंगी जब मेरे पास घर खरीदने के लिए पर्याप्त पैसा होगा।’
ये खबर भी पढ़ें:
Samwad 2025: संवाद में बोले सुनील शेट्टी- इंडस्ट्री का होकर भी इसका हिस्सा नहीं; शाम 6 बजे के बाद परिवार जरूरी
चारू आसोपा ने साफ किया कि राजीव को उनकी तरफ से किसी गारंटी की जरूरत नहीं है। वह खुद अपने पैरों पर खड़ी होकर बेटी के लिए बेहतर भविष्य बनाने का प्रयास कर रही हैं। इस बयान ने सोशल मीडिया और उनके फैंस के बीच भी खूब चर्चा छेड़ दी है। कई लोग चारु के इस आत्मनिर्भर रवैये को सराह रहे हैं, तो कुछ लोग राजीव की बातों पर भी यकीन कर रहे हैं।
इस पूरी स्थिति ने एक बार फिर से ये सवाल खड़ा कर दिया है कि तलाक के बाद भी माता-पिता के बीच बच्चे के भविष्य और भलाई को लेकर कैसे संतुलन बनाया जाए। चारू की बातों से साफ होता है कि एक माता-पिता के रूप में उनकी प्राथमिकता अपनी बेटी के लिए सुरक्षित और खुशहाल जिंदगी सुनिश्चित करना है।