फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

चुपचाप ओटीटी पर रिलीज हुई सेंसर बोर्ड में अटकी दिलजीत दोसांझ की 'पंजाब 95'; मगर बदल गया टाइटल; जानिए क्या?

Fri, 03 Jul 2026 09:27 PM IST
ज्योति राघव एंटरटेनमेंट डेस्क, अमर उजाला

सार

Punjab 95 changed to Satluj: लंबे समय से सेंसर बोर्ड से हरी झंडी नहीं मिल पाने के चलते रिलीज को अटकी दिलजीत दोसांझ की फिल्म 'पंजाब 95' बिना किसी शोर-शराबे के अब ओटीटी पर आ चुकी है। हालांकि, फिल्म का नाम बदल दिया गया है।
विज्ञापन
फिल्म सतलुज - फोटो : अमर उजाला
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

दिलजीत दोसांझ इन दिनों फिल्म 'मैं वापस आऊंगा' को लेकर सुर्खियों में हैं। इस फिल्म के लिए उन्हें खूब तारीफें मिल रही है। सिनेमाघरों में सजी इस फिल्म की सफलता के बीच दिलजीत की एक और फिल्म चुपचाप ओटीटी पर रिलीज हो गई है। यह फिल्म लंबे अरसे से सेंसर बोर्ड में अटकी थी। हम बात कर रहे हैं- 'पंजाब 95' की। अब इसका नाम बदल दिया गया है और इसे 'सतलुज' टाइटल मिला है। फिल्म 'सतलुज' ओटीटी पर स्ट्रीम हो रही है। जानिए कहां?

विज्ञापन

फिल्म सतलुज - फोटो : वीडियो ग्रैब
किस ओटीटी पर देखें?
समाचार एजेंसी एएनआई के मुताबिक कई मुश्किलों का सामना करने के बाद एक्टर-सिंगर दिलजीत दोसांझ की फिल्म 'सतलुज' (जिसका नाम पहले 'पंजाब 95' था) ओटीटी प्लेटफॉर्म जी5 पर रिलीज हो गई है। यह फिल्म मानवाधिकार कार्यकर्ता जसवंत सिंह खालरा की जिंदगी पर आधारित है, जो 1995 में लापता हो गए थे। खालरा की भूमिका में दिलजीत दोसांझ हैं।

ये सितारे भी हैं हिस्सा
इस फिल्म का निर्देशन हनी त्रेहान ने किया है। RSVP व मैकगफिन पिक्चर्स के प्रोडक्शन में बनी 'सतलुज' में अर्जुन रामपाल, कंवलजीत सिंह, सुविंदर विक्की और गीतिका विद्या ओहल्यान भी अहम भूमिकाओं में हैं।
विज्ञापन

फिल्म सतलुज - फोटो : वीडियो ग्रैब
दिलजीत ने इसलिए किया फिल्म के लिए 'हां'
फिल्म के बारे में बात करते हुए, दिलजीत दोसांझ ने एक प्रेस नोट में कहा, टभाई जसवंत सिंह खालरा जी की शहादत और मानवता के लिए उनके योगदान की वजह से ही मैंने इस फिल्म का हिस्सा बनने का फैसला किया। जब मैंने पहली बार स्क्रिप्ट सुनी, तो इसने मुझे प्रभावित किया, क्योंकि यह असल लोगों के अनुभवों, संघर्षों और बलिदानों पर आधारित है। एक कलाकार के तौर पर, ऐसी अर्थपूर्ण कहानियों का हिस्सा बनने के मौके कम ही मिलते हैं। स्क्रिप्ट सुनते ही मुझे फिल्म के प्रति एक बड़ी जिम्मेदारी महसूस हुई। मैंने ऐसे प्रेरित करने वाले किरदार को पूरी ईमानदारी और सम्मान के साथ निभाने का पक्का इरादा कर लिया'।

हनी त्रेहान बोले- 'दर्शक आखिरकार हमारी मेहनत देख पाएंगे'
उन्होंने आगे कहा, 'हमारी फिल्म 'सतलुज' हिम्मत, साहस और इंसानियत की कहानी है। इस किरदार को निभाना मेरे करियर के सबसे यादगार अनुभवों में से एक रहा है। मैं शुक्रगुजार हूं कि दुनिया भर के दर्शक आखिरकार जी5 पर यह फिल्म देख पाएंगे और एक ऐसी कहानी से जुड़ पाएंगे, जो बहुत निजी होने के साथ-साथ हर किसी के लिए जरूर देखी जाने वाली फिल्म है'। निर्देशक हनी त्रेहान ने कहा, 'शुरू से ही हमारा मकसद इस कहानी को ईमानदारी, संवेदनशीलता और बिना किसी समझौते के दिखाना था। लंबे इंतजारर के बाद, दर्शक आखिरकार हमारी मेहनत और लगन का नतीजा देख पाएंगे। 'सतलुज' सिर्फ एक व्यक्ति की कहानी नहीं है, यह मुश्किल हालात में भी इंसानी जज्बे की मजबूती को सलाम है।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें